एनकाउंटर में युवक की मौत मामले में परिजनों ने लगाए आरोप
कैलाश गठवाल
फरीदाबाद। गांव पावटा में पुलिस के कथित एनकाउंटर मामले में मृतक के बलविंदर उर्फ बल्लू के परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना हैं क्राइम ब्रांच सेक्टर 48 प्रभारी एसआई राकेश कुमार का प्रमोशन हो जाने तक पुलिस ने जान बूझकर हत्या का केस दर्ज नहीं किया। मृतक के पिता रमेश भड़ाना ने बताया इस मामले को लेकर डीजीपी हरियाणा और गृह मंत्री से मामले की जांच की गुहार लगाएंगे।
गौरतलब है हाल ही में हरियाणा पुलिस ने 166 एसआई को पदोन्नति कर इंस्पेक्टर बनाया है। हालांकि प्रमोशन का मामला दो साल से हाईकोर्ट में लंबित था। पुलिस इसे सामान्य प्रक्रिया बता रही है। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर अपने विभाग के सदस्य को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया है धौज थानाक्षेत्र स्थित गांव पावटा में शनिवार (16 सितंबर ) देर रात क्राइम क्राइम ब्रांच सेक्टर 48 के साथ हुई मुठभेड़ में एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई थी। मृतक की पहचान गांव पावटा मोहब्बताबाद निवासी 27 वर्षीय बलराज उर्फ बलविंदर उर्फ बल्लू (27) के रूप में हुई थी। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाते हुए हत्या का केस दर्ज करने के लिए 17 सितंबर को डीसीपी एनआईटी को शिकायत दी थी। बल्लू के पिता रमेश भडाना का कहना है प्रदर्शन और विरोध को देखते हुए देर शाम पुलिस ने परिजनों को आश्वासन दिया कि केस दर्ज किया जा रहा है लेकिन कुछ देर बाद ही केस में अधिकारियों की राय लेने की बात कहकर मामले को टाल दिया गया था। मंगलवार को प्रमोशन की लिस्ट में क्राइम ब्रांच प्रभारी का नाम आने के बाद बुधवार दोपहर पुलिस ने क्राइम ब्रांच प्रभारी सहित अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया था।
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प्रमोशन से पहले दर्ज होता केस तो रुक सकती थी पदोन्नति
पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना हैं प्रमोशन से पहले यदि हत्या का केस दर्ज हो जाता तो जांच होने तक विभाग प्रमोशन पर रोक लगा सकता है। हत्या जैसी बडी धारा की जांच में लंबा समय लगता है ऐसे में पदोन्नति होने में साल भर से ज्यादा का समय भी लग सकता था। दरअसल आईआरबी के कर्मचारियों ने पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर मांग कर रखी है कि उन्हें भी पदोन्नति में हरियाणा पुलिस की तर्ज पर लाभ मिले। दो साल से मामला अदालत में लंबित है। हाल ही में अदालत ने 166 एसआई को प्रमोट करने का आदेश दिया है।
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ये है पूरा मामला
पुलिस के मुताबिक शनिवार रात मृतक बिल्लू अपने दो दोस्तों के साथ राजस्थान स्थित बाबा मोहन राम के मंदिर में दर्शन करने गया था। क्राइम ब्रांच सेक्टर 48 की टीम सूचना के आधार पर इनके पीछे लग गई। पुलिस का दावा है इस बीच आरोपियों ने पुलिस पर गोली भी चलाई थी। बचाव में जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस की टीम ने आरोपियों के पैर में गोली मारने का प्रयास किया, लेकिन युवक के नीचे बैठ जाने के कारण गोली कमर से होकर सामने से निकल गई थी। 20 सितंबर को धौज थाने में एसआई सहित अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया।