पहले दिन 400 वर्ष पुराने पथवारी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी
मेले का शुभारंभ केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर किया
घोड़ों पर पालकी में निकली पथवारी माता के पंखे की सवारी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक पथवारी माता का पंखा मेला शुक्रवार को बैंड-बाजों की धुन और भव्य झांकियों के साथ शुरू हुआ। तीन दिवसीय मेले के पहले दिन करीब 400 वर्ष पुराने पथवारी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने माता के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और हाथ से बनाए पंखे श्रद्धापूर्वक अर्पित किए। मेले का शुभारंभ केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर किया।
फरीदाबाद, दिल्ली और गाजियाबाद समेत विभिन्न शहरों के प्रसिद्ध बैंड-बाजों के साथ भव्य झांकी यात्रा निकाली गई। बैंड की धुनों के बीच निकली झांकियों से माहौल भक्तिमय हो गया। घोड़ों पर पालकी में पथवारी माता के पंखे की सवारी निकाली गई। इसमें विभिन्न समुदायों की करीब 30 झांकियां शामिल हुईं।
मां पथवारी रक्षाबंधन मेला कमेटी के प्रधान जितेश पाराशर उर्फ बिल्ला पहलवान और महासचिव नरेंद्र जैन ने बताया कि मेले के तहत झांकी यात्रा पथवारी मंदिर से शुरू होकर ओल्ड फरीदाबाद की मार्केट, शेखवाड़ा मोहल्ला और नई सब्जी मंडी होते हुए वापस मंदिर पहुंची। रास्ते में बड़ी संख्या में श्रद्धालु झांकियों के दर्शन के लिए मौजूद रहे। बड़े वाले हनुमान, श्रीकृष्ण का विराट स्वरूप, मां शेरावाली, महात्मा बुद्ध, लक्ष्मी माता, गणेश, शिव-पार्वती, विष्णु अवतार और गोपियों के साथ नृत्य करते श्रीकृष्ण की झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। श्रद्धालुओं ने झांकियों के सामने हाथ जोड़कर नमन किया। बृज के लोक कलाकारों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर लोगों का मनोरंजन किया। झांकी यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
सांग देखने उमड़ी भीड़
देर शाम ओल्ड अनाज मंडी में सांग का आयोजन हुआ। कलाकारों ने विभिन्न वेशभूषा में प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मनोरंजन किया। सांग देखने के लिए ओल्ड फरीदाबाद की विभिन्न कॉलोनियों और सेक्टरों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। शनिवार को भी सांग का आयोजन किया जाएगा। रविवार को भंडारे के साथ मेले का समापन होगा। इस दौरान सर्वश्रेष्ठ झांकी और बैंड को सम्मानित किया जाएगा।