39,532 ने पहली किस्त के लिए किया आवेदन, तीसरी के लिए सिर्फ 2,500 आवेदन
गौरव मिश्रा
फरीदाबाद। रेहड़ी-पटरी लगाकर परिवार का पालन-पोषण करने वाले स्ट्रीट वेंडर्स के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना आर्थिक मदद का जरिया बनी है, लेकिन पहली किस्त के बाद योजना की रफ्तार धीमी पड़ती दिखाई दे रही है। जिले में पहली किस्त का लाभ लेने वाले वेंडर्स में से करीब 30.52 प्रतिशत ही दूसरी किस्त तक पहुंच पाए हैं। वहीं तीसरी किस्त का लाभ लेने वालों की संख्या पहली किस्त पाने वालों की तुलना में महज 7.29 प्रतिशत है।
योजना के तहत वेंडर्स को कारोबार बढ़ाने के लिए चरणबद्ध तरीके से ऋण दिया जाता है। पहली किस्त में 15 हजार रुपये, दूसरी किस्त में 25 हजार रुपये और तीसरी किस्त में 50 हजार रुपये तक का ऋण दिया जाता है। जिले में अब तक करीब 25,394 वेंडर्स को पहली किस्त के रूप में 15 हजार रुपये का ऋण दिया जा चुका है। दूसरी ओर, 7,750 वेंडर्स ही दूसरी किस्त के 25 हजार रुपये के ऋण तक पहुंच सके हैं। तीसरी किस्त के रूप में 50 हजार रुपये का ऋण लेने वालों की संख्या करीब 1,850 है।
आवेदन करने के बाद भी कई वेंडर्स इंतजार में
वेंडर्स का कहना है कि योजना से उन्हें छोटे कारोबार को संभालने में मदद मिली है, लेकिन ऋण की अगली किस्त मिलने में प्रक्रिया लंबी होने के कारण परेशानी होती है। कई वेंडर्स ऐसे भी हैं, जिन्होंने ऋण के लिए आवेदन किया है, लेकिन अभी तक उनके खाते में राशि नहीं पहुंची है।
पहली किस्त के लिए जिले में करीब 39,532 लोगों ने आवेदन किया था। इनमें से करीब 25,394 को ऋण मिल चुका है। नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि पात्र आवेदकों के आवेदन आगे की प्रक्रिया के लिए भेज दिए जाते हैं। इसके बाद ऋण स्वीकृत करने और राशि जारी करने की प्रक्रिया बैंक स्तर पर होती है।
बैंक स्तर पर जांच के बाद मिलता है ऋण
अधिकारियों के मुताबिक, बैंक की ओर से आवेदक का सिविल स्कोर और ऋण चुकाने की क्षमता समेत अन्य पहलुओं की जांच की जाती है। यदि बैंक को आवेदक की ऋण चुकाने की क्षमता को लेकर संदेह होता है या सिविल स्कोर खराब पाया जाता है तो ऋण स्वीकृति में परेशानी आ सकती है। ऐसे में पात्रता पूरी करने के बावजूद कुछ आवेदकों को ऋण मिलने में समय लग जाता है।
दूसरी और तीसरी किस्त में आवेदन से वितरण तक अंतर
जिन वेंडर्स ने पहली किस्त का ऋण चुका दिया है, उनमें दूसरी किस्त लेने की रुचि अपेक्षाकृत अच्छी है। करीब 10 हजार वेंडर्स ने 25 हजार रुपये की दूसरी किस्त के लिए आवेदन किया है। इनमें से करीब 7,750 को ऋण दिया जा चुका है, जबकि बाकी आवेदनों पर प्रक्रिया चल रही है।
इसी तरह तीसरी किस्त के 50 हजार रुपये के लिए करीब 2,500 वेंडर्स ने आवेदन किया है। इनमें से करीब 1,850 को ऋण मिल चुका है। यानी आवेदन करने वाले करीब 74 प्रतिशत वेंडर्स को तीसरी किस्त का लाभ मिल चुका है।
2030 तक 83 हजार ऋण देने का लक्ष्य
अधिकारियों ने बताया कि 2020 से शुरू हुई योजना में 2030 तक पहली बार 76 हजार से अधिक वेंडर्स को ऋण देने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें अब तक 37 प्रतिशत लोगों को ऋण दिया गया है। इसके अलावा दूसरी बार 38 हजार को ऋण देने का लक्ष्य है। वहीं तीसरी बार 11 हजार से अधिक लोगों को ऋण देने का लक्ष्य रखा गया।
रेहड़ी-पटरी वालों को पीएम स्वनिधि का लाभ दिलाने के लिए विभाग द्वारा जागरूक किया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्र लोगों को लाभ मिल सके। जैसे-जैसे लाभार्थी अपने ऋण की किस्तों को जमा करते हैं तो उन्हें योजना के तहत मिलने वाली किस्तों की राशि जारी कर दी जाती है। - वीरेंद्र सिंह, एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर