अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद/गुरुग्राम। एडीजीपी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के मामले से चर्चा में आए आईपीएस अधिकारियों में से चार फरीदाबाद में भी तैनात रहे हैं। इनमें पूर्व डीजीपी पी के अग्रवाल, मौजूदा डीजीपी शत्रुजीत कपूर, एडीजीपी अमिताभ ढिल्लो और एडीजीपी संजय कुमार के नाम शामिल हैं। इस मामले में पांच पुलिस अधिकारी व दो आईएस अधिकारी गुरुग्राम में तैनात रहे हैं। आईपीएस अधिकारी वाई पूरण छह माह तक संयुक्त पुलिस आयुक्त पद पर गुरुग्राम में तैनात रहे थे।
पुलिस विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि साल 2009 में फरीदाबाद में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू हुई थी। तब सेवानिवृत्त हो चुके आईपीएस अधिकारी पी के अग्रवाल फरीदाबाद के पहले पुलिस आयुक्त रहे थे। इनके अलावा मौजूदा डीजीपी शत्रुजीत कपूर भी फरीदाबाद में पुलिस आयुक्त रह चुके हैं। आईपीएस आत्महत्या मामले में सूसाइड नोट में सामने आए नामों में इन दो अधिकारियों के अलावा एडीजीपी स्तर के दो अन्य अधिकारी भी फरीदाबाद में पुलिस आयुक्त के पद पर रह चुके हैं। इनमें एडीजीपी अमिताभ ढिल्लो और एडीजीपी संजय कुमार शामिल हैं। दूसरी ओर, गुरुग्राम में कला रामचंद्रन पुलिस आयुक्त पद पर तैनात रहीं, संदीप खिरवार संयुक्त पुलिस आयुक्त पद पर तैनात रहे, कुलविन्द्र व डीसीपी क्राइम के पद पर नरेंद्र बिजार्निया तैनात रह चुके हैं। साथ ही इस मामले में जिन आईएएस अधिकारी का नाम बताया जा रहा है उसमें अनुराग रस्तोगी गुरुग्राम के उपायुक्त व राजेश खुल्लर नगर निगम आयुक्त के पद पर तैनात रहे हैं। इसके अलावा नूंह में 31 जुलाई 2023 को हुए ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा के दंगों पर काबू पाने तथा अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए नरेंद्र बिजारनिया को एसपी बनाया गया था। 2023 से पहले भी नरेंद्र बिजारनियां यहां पर एसपी रहकर गए थे। वहीं, पंकज नैन भी नूंह में 2014 से पूर्व एसपी रहे है। इन दोनों अधिकारियों का नाम आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार के केस के साथ जुड़ने से जिले के लोगों में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं चल रही है।