डॉ. निसार-उल-हसन की पत्नी व बेटी को पूछताछ के बाद जांच एजेंसी ने छोड़ा
- डॉ. उमर का एक अन्य वीडियो वायरल, धौज इलाके का बताया जा रहा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की टीम ने धौज स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में 24 घंटे से भी अधिक समय तक जांच की। यूनिवर्सिटी से सामने आए व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल के बाद ये जांच की गई है। बृहस्पतिवार शाम को एनएमसी की टीम यूनिवर्सिटी परिसर में पहुंची और यहां दस्तावेजों व रेकॉर्ड की जांच शुरू की। इसके बाद शुक्रवार को भी दिनभर एनएमसी टीम की जांच यूनिवर्सिटी परिसर के अलग-अलग विंग में चलती रही। शुक्रवार शाम को लगभग 24 घंटे तक चली जांच के बाद एनएमसी टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर यहां से चली गई।
क्या करता है एनएमसीएनएमसी स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण के लिए मानक और दिशानिर्देश निर्धारित करता है। यह चिकित्सा संस्थानों का मूल्यांकन करता है। नए कॉलेजों या पाठ्यक्रमों के लिए अनुमति प्रदान करता है और स्थापित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करता है। एनएमसी भारत के लिए एक राष्ट्रीय चिकित्सा रजिस्टर का रखरखाव करता है और चिकित्सकों के बीच उच्च नैतिक मानकों और पेशेवर आचरण को लागू करता है।
जांच एजेंसी की ओर से यूनिवर्सिटी के एचओडी डॉ. निसार उल हसन को यूनिवर्सिटी परिसर से पकड़ने के बाद उनकी पत्नी व बेटी से भी पूछताछ की गई। इन दोनों को भी पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया गया। डॉ. निसार की बेटी भी एमबीबीएस की पढ़ाई अल-फलाह यूनिवर्सिटी से ही कर रही है। पूछताछ के बाद डॉ. निसार की पत्नी व बेटी को छोड़ दिया गया है। वहीं, डॉ. निसार से अभी भी पुलिस टीम पूछताछ कर रही है। इसी डॉ. निसार को साल 2023 में जम्मू के मेडिकल कॉलेज से देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में राज्यपाल की ओर से निष्कासित किया गया था।
वहीं शनिवार को दिल्ली में बम धमाका करने वाले डॉ. उमर का एक अन्य वीडियो वायरल हुआ है। ये लगभग 25 सेकेंड की एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज है। इसमें वो धौज इलाके के ही एक मेडिकल स्टोर-सह-क्लिनिक पर बैठा है। यहां उसने अपना मोबाइल भी चार्ज किया। ये वीडियो 29 अक्तूबर का है। जांच एजेंसी अब इस मेडिकल स्टोर-सह-क्लिनिक के संचालक व स्टॉफ से भी पूछताछ कर रही है।