मुख्य अभियंता के निलंबन के बाद अलर्ट मुद्रा में रहे निगम प्रशासन के अधिकारी और कर्मी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अमृत योजना के ठेकेदार को एडवांस में पेमेंट करने वाले नगर निगम के मुख्य अभियंता रहे बीके कर्दम के निलंबन और उनपर मामला दर्ज करने के सीएम के आदेश पर सोमवार को निगम प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट नजर आया। इस दौरान निगम की इंजीनियरिंग शाखा ने पिछले पांच वर्षों के बिल खंगालना शुरू किया है।
निगम के पूर्व मुख्य अभियंता पर बड़ी कार्रवाई के बाद से इंजीनियरिंग शाखा में जबरदस्त हलचल मची है। अधिकारियों ने इस मुद्दे पर इंजीनियरिंग विभाग के अभियंताओं को सख्त आदेश दिए हैं। इंजीनियरिंग शाखा की ओर से अमृत योजना के तहत ठेकेदार को किस बिल को लेकर कितना भुगतान किया गया। इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
बताया जा रहा है कि मुख्य अभियंता के बाद बिलों पर अतिरिक्त आयुक्त और आयुक्त के हस्ताक्षर किए जाते हैं। आयुक्त के हस्ताक्षर के बाद ही बिल भुगतान को लेकर वित्त विभाग को भेजा जाता है। इसलिए सभी बिलों की जांच करके देखा जा रहा है कि किस काम के लिए कितना भुगतान किया गया। विभाग के अनुसार जिन बिलों का भुगतान किया गया है। उनके कई काम पूरे हो चुके हैं। किसी भी अधूरे काम का भुगतान निगम की ओर से नहीं हुआ है। मामले को लेकर निगमायुक्त ए मोना श्रीनिवास ने रिपोर्ट तैयार होने के बाद शहरी स्थानीय निकाय मंत्री को दे दी जाएगी। पिछले पांच वर्ष के बिल निकाले जा रहे हैं।
मुख्य अभियंता पर आरोप था कि उन्होंने 2019 में शुरू हुई अमृत योजना के तहत कामों का बिना पूरे हुए ही बृजगोपाल ठेकेदार को भुगतान कर दिया। सीएम को बताया गया कि अधूरे कामों के लिए निगम 80 प्रतिशत तक भुगतान कर चुका है। वहीं, पिछले सप्ताह जब सर्किट हाउस में हुई बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने ठेकेदार को अधूरे काम को पूरा करने के लिए कहा तो उसने साफ इनकार कर दिया। यदि निगम की ओर से भुगतान नहीं किया गया तो ठेकेदार को पूरा काम करना पड़ता।