पंचायत की अनदेखी पर लोग उठा रहे सवाल
संवाद न्यूज़ एजेंसी
छांयसा। सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक गांव के भीतर एक गौरव पट्ट का निर्माण कराया गया था, जिसका उद्देश्य गांव की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और गौरवशाली गाथाओं को प्रदर्शित करना था। यह पट्ट ग्रामीणों में स्वाभिमान की भावना को मजबूत करने और आने वाली पीढ़ियों को गांव के इतिहास से जोड़ने के लिए बनाया गया था। लेकिन गढ़ खेड़ा गांव में बना गौरव पट्ट इन दिनों अपनी बदहाली को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।
गांव के मुख्य स्थल पर स्थापित गौरव पट्ट पर जगह-जगह घास और गंदगी उगी हुई है। सौंदर्यीकरण और नियमित सफाई के अभाव में यह पट्ट अपनी पहचान खोता नजर आ रहा है। जिस स्थान पर गांव की उपलब्धियों और गौरवशाली इतिहास को पढ़कर ग्रामीणों और आगंतुकों को प्रेरणा मिलनी चाहिए थी, वही आज पंचायत की लापरवाही की तस्वीर पेश कर रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गौरव पट्ट गांव की पहचान होता है, लेकिन इसकी उपेक्षा से गांव की छवि धूमिल हो रही है। लोगों में इस स्थिति को लेकर खासा रोष और निराशा देखी जा रही है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब सरकार की ओर से इस योजना पर धन खर्च किया गया है तो उसके रखरखाव की जिम्मेदारी पंचायत क्यों नहीं निभा रही है।
वहीं इस पूरे मामले पर बीडीपीओ अंशु डागर ने बताया कि उन्हें गौरव पट्ट की स्थिति की जानकारी मिल गई है। उन्होंने ग्राम सचिव को इस संबंध में निर्देश दे दिए हैं। बीडीपीओ ने कहा कि जल्द ही गौरव पट्ट की सफाई कराई जाएगी और इसे फिर से व्यवस्थित रूप में संजोया जाएगा।