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Faridabad News: एसआईटी में शामिल विशेषज्ञ पता लगाएंगे हादसे की वजह, तय होंगे जिम्मेदार

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प्रशासन, पुलिस, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल विशेषज्ञों की टीम पता लगाएगी कि झूला किसकी लापरवाही से टूटा
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संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। सूरजकुंड मेला परिसर में झूला टूटने से हुए हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है। अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर सिंह की अध्यक्षता में गठित इस टीम में पुलिस-प्रशासन के साथ-साथ मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल क्षेत्र के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। समिति पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष, तकनीकी और तथ्यात्मक जांच करेगी। एसआईटी के अध्यक्ष अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर सिंह मेला प्रशासक के रूप में प्रशासनिक स्तर पर हुई चूक, मेला संचालन, अनुमति प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों के अनुपालन और आयोजक एजेंसी की जिम्मेदारी की जांच करेंगे। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि झूला संचालन से पहले आवश्यक अनुमतियां और फिटनेस प्रमाणपत्र लिए गए थे या नहीं।

एसआईटी में शामिल डीसीपी एनआईटी मकसूद अहमद हादसे से जुड़े आपराधिक पहलुओं की जांच करेंगे। उनके नेतृत्व में टीम सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से समीक्षा करेगी और यह पता लगाएगी कि हादसे के समय सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी। किन परिस्थितियों में झूला टूटने की घटना हुई।
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तकनीकी जांच के लिए वाईएमसीए विश्वविद्यालय फरीदाबाद के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर अरविंद गुप्ता को विशेषज्ञ सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। वह झूले की डिजाइन, निर्माण गुणवत्ता, लोड क्षमता, वेल्डिंग, बोल्टिंग और संरचनात्मक मजबूती की वैज्ञानिक जांच करेंगे। उनकी रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि हादसा तकनीकी खामी के कारण हुआ या रखरखाव में लापरवाही इसकी वजह बनी।
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सिंचाई विभाग के मैकेनिकल विंग के कार्यकारी अभियंता हितेश कुमार झूले की मशीनरी, मूविंग पार्ट्स, हाइड्रोलिक या मैकेनिकल सिस्टम और रखरखाव प्रक्रिया की जांच करेंगे। वह यह भी आकलन करेंगे कि झूले की नियमित तकनीकी जांच समय पर की गई थी या नहीं। वहीं, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के इलेक्ट्रिकल विंग के कार्यकारी अभियंता अश्विनी गौर झूले की विद्युत व्यवस्था, वायरिंग, कंट्रोल पैनल, मोटर सिस्टम और बिजली से जुड़े सुरक्षा मानकों की जांच करेंगे। उनकी रिपोर्ट से यह तय होगा कि किसी तरह की इलेक्ट्रिकल फॉल्ट या लापरवाही हादसे का कारण बनी या नहीं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एसआईटी सभी पहलुओं की जांच के बाद अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति या संस्था के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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