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Faridabad News: जर्जर सीवर लाइन को किया जाएगा दुरुस्त, सड़कों पर नहीं भरेगा गंदा पानी

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अमर उजाला ब्यूरो
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फरीदाबाद। शहर में वर्षों से जर्जर पड़ी सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने और शहर की बढ़ती जनसंख्या की जरूरतों को पूरा करने के लिए मास्टर सीवरेज योजना के अंतर्गत बड़ा कदम उठाया जा रहा है। फरीदाबाद मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एफएमडीए) ने इस योजना के लिए कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें 45 एमएलडी क्षमता का एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) एसबीआर तकनीक पर बनाया जाएगा।
सवा सौ करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत से बनने वाले इस एसटीपी का मुख्य उद्देश्य गंदे पानी का शोधन कर उसे मानक के अनुरूप साफ करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। इस प्रोजेक्ट के तहत मुख्य पंपिंग स्टेशन, टर्शरी ट्रीटमेंट यूनिट तथा अन्य जरूरी निर्माण शामिल होंगे। वहीं प्लांट बनाने के बाद एजेंसी 10 साल तक इसका संचालन और अनुरक्षण भी करेगी। फरीदाबाद मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया अभी शुरुआती स्तर पर है।
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संक्रमण और मच्छरजनित बीमारियों से मिलेगी राहत : एफएमडीए के अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना से शहर के अनेक क्षेत्रों में सीवरेज से जुड़ी समस्याओं का समाधान होगा। मौजूदा सीवरेज सिस्टम में गंदा पानी कई बार बिना ट्रीटमेंट के नहरों या खुले में बह जाता है, जिससे गंदी बदबू, संक्रमण और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बना रहता है। नया प्लांट चालू होने के बाद न सिर्फ प्रदूषण घटेगा बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य को भी बड़ा लाभ पहुंचेगा।
450 दिन में काम पूरा करने का रखा गया है लक्ष्य : योजना के मुताबिक सीवेज शोधन के बाद साफ पानी का दोबारा उपयोग पार्कों की सिंचाई और अन्य गैर-पीने के कार्यों में किया जाएगा। इससे भूमिगत जल दोहन भी घटेगा। करीब 450 दिन की समय सीमा में प्लांट का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पानी को कृषि के लिए भी उपयोग में लाया जाएगा।
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आधुनिक तकनीक से होगा काम : एफएमडीए के इंजीनियरों का मानना है कि सीवेज ट्रीटमेंट की आधुनिक एसबीआर तकनीक फरीदाबाद के लिए बहुत उपयोगी होगी। इससे रोजाना लाखों लीटर गंदा पानी बिना रुकावट ट्रीट होकर सुरक्षित रूप से डिस्चार्ज होगा। इस प्रक्रिया में ऑक्सीकरण और रसायनों के मिश्रण से मलजल की शुद्धि की जाएगी।
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