उद्यमियों और हजारों राहगीरों की समस्या के समाधान की प्रक्रिया शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी के महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र सेक्टर-58 के उद्यमियों और वहां से गुजरने वाले हजारों राहगीरों की समस्या के समाधान के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। पिछले लंबे समय से बदहाली का दंश झेल रही सीमेंट कंक्रीट की सड़कों की एचएसआईआईडीसी ने सुध ले ली है। एचएसआईआईडीसी क्षेत्र की सड़कों का कायाकल्प कर इलाके में आवाजाही सुगम बनाने जा रहा है।
सेक्टर-58 फरीदाबाद का एक प्रमुख औद्योगिक क्लस्टर है, जहां भारी वाहनों का आवागमन लगातार बना रहता है। अत्यधिक भार और समय के साथ रखरखाव के अभाव में यहां की सीमेंटेड सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए है। इन गड्ढों के कारण मालवाहक वाहनों को परेशानी होने के साथ आए दिन छोटे-मोटे हादसे भी होते रहते हैं। प्रशासन ने अब इन विभिन्न स्थानों पर खराब हो चुकी सड़कों को उखाड़कर उनकी नए सिरे से मरम्मत करने का फैसला लिया है।
एक महीने की समयसीमा
इस परियोजना की सबसे खास बात इसकी समय सीमा है। विभाग ने इस मरम्मत कार्य को पूरा करने के लिए मात्र एक महीने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसका मतलब काम योजना के अनुसार किया गया तो अगले कुछ हफ्तों में सेक्टर-58 की सड़कें गड्ढा मुक्त नजर आएंगी। जानकारों का मानना है कि मरम्मत कार्य में अत्याधुनिक मानकों का पालन किया जाएगा ताकि भारी ट्रैफिक के बावजूद ये सड़कें लंबे समय तक टिकी रहें। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों और यातायात की सुगमता का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
व्यापार के साथ सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा
सड़कों के इस सुधार कार्य से सेक्टर-58 की सूरत बदलने के साथ कई स्तरों पर लाभ मिलेगा। सुचारू सड़कों के कारण उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले ट्रकों और अन्य वाहनों के टूट-फूट के खर्च में कमी आएगी। वहीं गड्ढों के कारण लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी, जिससे कच्चा माल लाने और तैयार माल भेजने में समय की बचत होगी। इसके साथ पैच वर्क होने से दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों के लिए सड़क सुरक्षित हो जाएगी।
काम होने के बाद ही की जाएगी निगरानी
प्रशासन ने भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए एजेंसी पर जिम्मेदारी भी तय की है। काम पूरा होने के बाद एक साल तक डिफेक्ट लायबिलिटी-कम-मेंटेनेंस भी तय की गई है। अगर एक साल के भीतर सड़क में कोई खराबी आती है तो एजेंसी को बिना किसी अतिरिक्त भुगतान के उसे अपने खर्च पर ठीक करना होगा। इससे निर्माण की गुणवत्ता बेहतर रहने की संभावना है।
उद्योगपतियों व लोगों की सुविधाओं के लिए यह काम किया जा रहा है। जल्द इसे जमीनी स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। - पुरुषोत्तम कुमार सीनियर मैनेजर एचएचआईआईडीसी