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Faridabad News: देश मना रहा राष्ट्रीय हृदय स्वास्थ्य जागरूकता माह, जिले का हृदय उपचार केंद्र पड़ा है बंद

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जिले के हृदय रोगियों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है
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संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। फरवरी माह को देशभर में राष्ट्रीय हृदय स्वास्थ्य माह के रूप में मनाया जा रहा है, लेकिन विडंबना यह है कि जिला नागरिक अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर शुरू किया गया हृदय उपचार केंद्र लंबे समय से बंद पड़ा है। केंद्र के ठप होने से जिले के हृदय रोगियों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उपचार का खर्च बढ़ गया है और समय पर सुविधा मिलने में भी परेशानी हो रही है।


हृदय रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के इस माह में सरकारी अस्पताल की यह महत्वपूर्ण सुविधा बंद होना स्वास्थ्य तंत्र पर सवाल खड़े कर रहा है। पीपीपी मॉडल पर संचालित इस हार्ट सेंटर में एंजियोग्राफी, ईसीजी, इको सहित विभिन्न जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध थी। यहां प्रतिमाह 40 से 45 एंजियोप्लास्टी की जा रही थीं, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय मरीजों को बड़ी राहत मिलती थी।
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कार्रवाई के बाद बढ़ीं मुश्किलें



वर्ष 2022 में आयुष्मान कार्ड में फर्जीवाड़ा कर मरीजों से नकद राशि लेने और सरकार से भी भुगतान उठाने के आरोप सामने आए थे। जांच में करीब दो दर्जन मामले पाए गए और लगभग 12 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में तत्कालीन प्रमुख समेत चार कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद से सेंटर की कार्यप्रणाली प्रभावित होती चली गई और अंत में सेवाएं बंद हो गईं। वर्तमान में यहां कोई कार्डियोलॉजिस्ट या स्टाफ कार्यरत नहीं है।



जिले में तीन मंत्री फिर भी नहीं निकला समाधान



फरीदाबाद से केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, हरियाणा सरकार में नगरीय विकास मंत्री विपुल गोयल और खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेश नागर जैसे जनप्रतिनिधि होने के बावजूद हार्ट सेंटर दोबारा शुरू नहीं हो सका है। बीके अस्पताल की पीएमओ और जिले के सीएमओ स्तर पर भी अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
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राष्ट्रीय हृदय स्वास्थ्य माह के दौरान ही हृदय उपचार सेवाओं का बंद रहना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताओं पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। मरीजों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि जल्द समाधान निकालकर सेंटर को फिर से शुरू किया जाए, ताकि जरूरतमंदों को सुलभ और किफायती इलाज मिल सके।



यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसलिए मैं इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।-मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत आहूजा
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