संदेह का लाभ देते हुए अदालत ने किया दोषमुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने मोबाइल स्नैचिंग के मामले में जब्बार नामक युवक को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार कर दिया। अदालत ने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष युवक के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। यह आदेश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार ने 21 मई को सुनाया।
मामला थाना सारन में सात फरवरी 2020 को दर्ज एफआईआर से जुड़ा था। शिकायतकर्ता राकेश कुमार ने आरोप लगाया था कि वह मोबाइल पर बात करते हुए पड़ोसी की दुकान की ओर जा रहा था, तभी एक युवक मोबाइल छीनकर भाग गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता ने मूल शिकायत में आरोपी की कोई स्पष्ट पहचान या हुलिया नहीं बताया था। वहीं अदालत में गवाही देते समय भी वह जब्बार को पहचान नहीं सका।
अदालत ने यह भी माना कि पुलिस द्वारा बरामद बताए गए मोबाइल को साक्ष्य के दौरान अदालत में पेश ही नहीं किया गया। फैसले में उल्लेख किया गया कि जांच के दौरान किसी भी स्वतंत्र सार्वजनिक गवाह को शामिल नहीं किया गया। जांच अधिकारियों ने भी स्वीकार किया कि पूरी जांच में कोई सार्वजनिक गवाह नहीं जोड़ा गया। अदालत ने इसे जांच की गंभीर कमी मानते हुए दोषमुक्त करार कर दिया।