सीजीएसटी की टीम पर एक फर्जी छापेमारी कर व्यापारी से रिश्वत के आरोप में सीबीआई ने की कार्रवाई
दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सीबीआई की ओर से गिरफ्तार किए गए एनआईटी स्थित सीजीएसटी कार्यालय के एक अधिकारी व एक निविदा कर्मचारी ने अन्य के साथ मिलकर शहर के शीट मेटल कारोबारी से रिश्वत ली थी।
कारोबारी मनोज से 10 लाख रुपये रिश्वत आकाश ने लिए और फिर सीबीआई टीम ने रेड कर आकाश के अलावा सीजीएसटी के अधीक्षक को हिरासत में लिया। आकाश रोहिल्ला सीजीएसटी कार्यालय में निविदा पर कार्यरत है जबकि तनोज यादव यहां बतौर अधीक्षक कार्यरत है। मामले में दो अन्य सीजीएसटी अधिकारियों की सीबीआई को तलाश है। इनमें एक अधीक्षक व एक निरीक्षक शामिल है। वहीं सीजीएसटी कार्यालय में कई घंटे दस्तावेज खंगालने के बाद सीबीआई की 12 सदस्यीय टीम में से एक टीम एसजीएम नगर में आकाश रोहिल्ला के मकान में भी तलाशी लेने रात को पहुंची थी। इस दौरान फरीदाबाद पुलिस की टीम को भी साथ लिया गया था। जबकि बाकी टीम सीजीएसटी कार्यालय में ही देर रात तक मौजूद रही। एसजीएम नगर में आकाश के घर पहुंची टीम यहां देर रात लगभग साढ़े 11 बजे तक रही। टीम ने यहां से जरूरी दस्तावेज जब्त किए, जिसके बाद फरीदाबाद पुलिस को छोड़कर ये टीम यहां से वापस सीजीएसटी कार्यालय पहुंची। वहां से पूरी टीम दोनों आरोपियों को अपने साथ दिल्ली ले गई।
मामले में सीबीआई को शिकायत एनआइटी में रहने वाले शीट मेटल कारोबारी मनोज मलिक ने दी। इनकी दो कंपनियां हैं जो एनआइटी-तीन और नवादा में स्थित हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार 30 मई को सीजीएसटी की टीम ने उनकी नवादा वाली कंपनी में रेड के लिए पहुंची। सीजीएसटी टीम ने रेड के दौरान कारोबारी पर जीएसटी चोरी का आरोप लगाया। रेड करने पहुंची टीम में अधीक्षक तनोज यादव, अधीक्षक संजीव, इंस्पेक्टर भगत सिंह शामिल थे। टीम ने कंपनी परिसर में दस्तावेज चेक किए। फिर कंपनी मालिक को कहा गया कि उनके यहां पर बड़े स्तर पर जीएसटी की चोरी की जा रही है। बिलों में काफी गड़बड़ी है। जिस पर मनोज ने कहा कि उनको आज तक जीएसटी गड़बड़ी को लेकर किसी तरह का नोटिस नहीं आया। साथ ही रेड करने से पहले भी सीजीएसटी की ओर से कोई नोटिस नहीं आया।
आरोप है कि रेड करने आई टीम ने केस दर्ज कराने की धमकी दी और चले गए। बाद में सीजीएसटी में निविदा पर काम करने वाले आकाश रोहिल्ला ने शीट मेटल कारोबारी मनोज मलिक से संपर्क किया। उसने कहा कि वह 50 लाख रुपये में मामला खत्म करा देगा। लेकिन बाद में 10 लाख रुपये में बात तय हुई। मनोज ने रुपयों का इंतजाम करने के लिए दो दिन का समय मांगा। इस दौरान मनोज ने इंटरनेट मीडिया से सीबीआई का नंबर खोजकर उसमें शिकायत की। मामले की पुष्टि करने के बाद सीबीआई ने कोर्ट से सीजीएसटी कार्यालय में तलाशी को लेकर सर्च वारंट हासिल कर लिया। मंगलवार शाम के समय मनोज ने आकाश को 10 लाख रुपये दे दिए। इसी दौरान सीबीआई टीम ने सीजएसटी कार्यालय में रेड मारकर 10 लाख रुपयों के साथ आकाश और तनोज यादव को हिरासत में ले लिया गया। जबकि अधीक्षक संजीव और भगत वहां से निकल गए।