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Faridabad News: जनगणना की डबल ड्यूटी में पिस रहे शिक्षक, बढ़ा काम का दबाव

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- पढ़ाई के साथ फील्ड कार्य का दबाव, दूर से आने वाले अध्यापकों की बढ़ी मुश्किलें
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के राजकीय विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों के लिए जनगणना कार्य परेशानी का सबब बनता जा रहा है। शिक्षण कार्य के साथ-साथ फील्ड में जाकर घर-घर सर्वे करना, लोगों से जानकारी जुटाना और डेटा अपडेट करना अध्यापकों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है। कई शिक्षक इसे “डबल ड्यूटी” मानते हुए अपनी परेशानी जाहिर कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार जिले में करीब 3700 अध्यापक कार्यरत हैं, जिनमें से लगभग 2700 को जनगणना कार्य में लगाया गया है। विभागीय निर्देशों के तहत शिक्षकों को पहले विद्यालय में पढ़ाना होता है और इसके बाद उन्हें जनगणना के लिए फील्ड में जाना पड़ता है। इससे उनके काम के घंटे बढ़ रहे हैं और शारीरिक-मानसिक दबाव भी महसूस हो रहा है।
स्थिति उन शिक्षकों के लिए और अधिक कठिन हो गई है, जो रोजाना दूसरे जिलों जैसे रोहतक, पलवल और गुरुग्राम से आवागमन करते हैं। उन्हें स्कूल पहुंचने में ही डेढ़ से दो घंटे लग जाते हैं, जिसके बाद दूर-दराज क्षेत्रों में जनगणना कार्य करना उनके लिए चुनौती बन जाता है। शिक्षकों का कहना है कि अन्य जिलों में कुछ राहत दी गई है, जहां दूर से आने वाले अध्यापकों को सीधे फील्ड में जाकर जनगणना कार्य करने की अनुमति है। इससे उनका समय और ऊर्जा दोनों बचते हैं। हालांकि फरीदाबाद में ऐसी कोई व्यवस्था लागू नहीं है, जिससे शिक्षकों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
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कोट-

जनगणना कार्य सीमित समय के लिए है और यदि इस संबंध में निदेशालय से कोई नया आदेश आता है तो उसे लागू किया जाएगा। - बसंत कुमार, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी

बाहर से आने वाले शिक्षकों को राहत मिलनी चाहिए और तकनीकी समस्याओं का भी समाधान किया जाना जरूरी है। - मुकेश गर्ग, जिला प्रधान हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ
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