सैयारा और लग जा गले के फिर ये हंसी... गानों से वातावरण हुआ संगीतमय
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड मेले के अंतर्गत मंगलवार रात को मुख्य चौपाल पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या संगीत प्रेमियों के लिए यादगार बन गई। प्रसिद्ध पार्श्व गायिका तरन्नुम मलिक जैन ने अपनी मधुर एवं ऊर्जावान प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम की शुरुआत तरन्नुम मलिक जैन ने अपने लोकप्रिय गीत सैयारा, लग जा गले के फिर ये हंसी पल और बड़े अच्छे लगते हैं से की, जिसने पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया।
इसके बाद जब उन्होंने कुछ न कहो कुछ भी न कहो और आज की रात होना है क्या जैसे सुपरहिट गीत प्रस्तुत किए, तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह से गूंज उठा। उनकी एक के बाद एक शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। देश-विदेश से आए पर्यटकों एवं दर्शकों ने दिनभर इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद उठाया।
मेले में पर्यटकों की संख्या बढ़ने लगी है। मेले के प्रत्येक स्टॉल पर पर्यटकों की खरीदारी के लिए भीड़ थी। मेला परिसर में प्रवेश करने के साथ ही बंचारी से पहुंचे कलाकार नगाड़े की थाप पर पर्यटकों का स्वागत कर रहे हैं। पर्यटक जमकर नृत्य कर मेले का आनंद ले रहे हैं। इसके अलावा मेले की मुख्य एवं छोटी चौपाल पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सिलसिला जारी रहा।
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पर्यटकों से बातचीत
सूरजकुंड मेले में इस बार ऑनलाइन टिकट का सिस्टम बहुत अच्छा है। अगर यह सिस्टम न होता तो मुझे हर बार की तरह लाइन में घंटों खड़ा होना पड़ता। - गीता, दिल्ली
मेला काफी सुंदर लग रहा है। मेले में लगे झूले बहुत अच्छे है। यहां छोटे बच्चों और बड़े दोनों के लिए झूले है। यहां मौजूद भूत बंगला काफी अद्भुत और डरावना है। मुझे यहां आकर बहुत अच्छा लगा। - आरती, फरीदाबाद
इस बार मेले की थीम स्टेट मेघालय और उत्तर प्रदेश है। मेले में दोनों राज्यों को बहुत अच्छा सजाया गया है, जिससे कोई भी व्यक्ति इन्हें अच्छे से समझ सकता है और आनंद ले सकता है। मेले में बनाए गए पवेलियन बहुत सुंदर है। - अदिती, फरीदाबाद
मेले में विदेशी स्टाल बेहद अद्भुत है। मैंने आज से पहले ये सब कभी नहीं देखा था। मैंने पहली बार मेले में आकर विदेशी स्टाल पर मौजूद सामान और उनके यहां की कला और परंपरा को देखा है। - लीना, नोएडा