फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सूरजकुंड मेला: यहां भी पड़ सकता है रूस-यूक्रेन विवाद का असर, 20 मार्च से 4 अप्रैल तक होगा आयोजन

Sat, 19 Feb 2022 08:38 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद

सार

सूरजकुंड में 35वें अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला 4 फरवरी से शुरू होना था। इसकी तैयारी भी जोरों से चल रही थी। करीब दो करोड़ से अधिक लागत से सभी हट्स व विभिन्न कार्य किए जा रहे थे। जम्मू-कश्मीर को थीम स्टेट के रूप में चिन्हित किया गया था। मेले में 30 से अधिक देशों के आने का अनुमान था, लेकिन जनवरी में कोरोना की तीसरी लहर के चलते इसे स्थगित कर दिया गया। 
विज्ञापन
मेला परिसर में जोरों से चल रही तैयारियां - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले का आयोजन 20 मार्च से 4 अप्रैल तक किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। अधिकारियों का कहना है कि मेले के 85 फीसदी कार्य को पूरा कर लिया गया है। बाकी बचा 15 फीसदी जल्द पूर कर लिया जाएगा। इसमें रूस और यूक्रेन के कलाकारों के भाग लेने की उम्मीद कम है।

विज्ञापन


सूरजकुंड में 35वें अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला 4 फरवरी से शुरू होना था। इसकी तैयारी भी जोरों से चल रही थी। करीब दो करोड़ से अधिक लागत से सभी हट्स व विभिन्न कार्य किए जा रहे थे। जम्मू-कश्मीर को थीम स्टेट के रूप में चिन्हित किया गया था। मेले में 30 से अधिक देशों के आने का अनुमान था, लेकिन जनवरी में कोरोना की तीसरी लहर के चलते इसे स्थगित कर दिया गया। अब फरीदाबाद समेत पूरे देश में कोरोना संक्रमण के मामले कम होने के चलते वैश्विक महामारी कोविड से बचाव के लिए लगी सभी पाबंदियों को हरियाणा सरकार ने हटा लिया है। इसके साथ ही सूरजकुंड मेले के आयोजन को लेकर सरकार सक्रिय हो गई है।

हरियाणा सरकार ने इस संबंध में केंद्र सरकार से इसकी अनुमति मांगी थी, क्योंकि सूरजकुंड मेला आयोजन के लिए गठित सूरजकुंड मेला प्राधिकरण केंद्र सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय, कपड़ा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय भी शामिल होते हैं। इसके लिए केंद्र सरकार की अनुमति मिल गई है। इस अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में विभिन्न प्रदेशों के राष्ट्रीय अवार्ड हासिल कर चुके शिल्पकारों को आमंत्रित किया जाएगा। शिल्पकारों को यहां अपनी कला के प्रदर्शन के साथ मार्केटिंग का मौका भी मिलेगा। एक पखवाड़ा यहां लोगों को विभिन्न प्रदेशों और कई देशों की सांस्कृतिक धरोहरों की जानकारी के साथ-साथ भारतीय संस्कृति की झलक देखने का मौका मिलेगा। वहीं इस बार मेले में रूस और यूक्रेन में युद्ध जैसे हालात होने के चलते वहां के कलाकारों के पहुंचने की संभावना कम बनी हुई है। वहीं इसे लेकर केंद्र सरकार का पर्यटन मंत्रालय की दोनों देशों से बातचीत जारी है। 
विज्ञापन


मेला परिसर में जोरों से चल रही तैयारियां
मेला परिसर में आयोजन की तैयारी जोरशोर से चल रही है। हट्स बनाने का काम पूरा कर लिया गया है। पेंट करने का काम शुरू कर दिया गया। बिजली, पानी और शौचालय को नए सिरे से बनाने का काम जल्द शुरू किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि 15 से 20 दिन में सौंदर्यीकरण का काम पूरा कर लिया जाएगा, क्योंकि जनवरी में बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण तैयारियां बीच में रोक दी गई थी। अब एक बार फिर मेला परिसर में लोक कलाकारों और हस्तशिल्पियों की धूम मचने की उम्मीद जगी है।

30 देशों की लोककला का संगम देखने को मिलेगा
मेले में विदेशी शिल्पकार और लोक कलाकारों को भी आमंत्रित किया गया है। अभी तक करीब 30 देशों ने मेले में अपने कलाकारों को भेजने पर सहमति दी है। इसमें सार्क देशों और यूरोप व अफ्रीकी देश शामिल हैं। कुछ अन्य देश पहली बार मेले में आएंगे। विभिन्न देशों के करीब तीन सौ हस्तशिल्पी और लोक कलाकार मेले में अपनी कला से पर्यटकों को मंत्रमुग्ध करेंगे जबकि अपने अलग-अलग राज्यों के करीब दो हजार हस्तशिल्पी और लोक कलाकार मेले में धमाल करेंगे।

सूरजकुंड मेले के आयोजन को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। 20 मार्च से 4 अप्रैल तक मेला आयोजित किया जाएगा। हमारी सभी तैयारियां लगभग पूरी हो गई है। कुछ काम बाकी है उसे 15 से 20 दिन में पूरा कर लिया जाएगा।  - राजेश जून, नोडल अधिकारी, सूरजकुंड मेला

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें