बल्लभगढ़। पांच जून से लापता सुपरवाइजर की अपहरण के बाद हत्या कर दी। पुलिस ने आईएमटी इलाके में बृहस्पतिवार सुबह शव बरामद किया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने हत्या कर शव प्लास्टिक कट्टे में रखकर गांव मच्छगर के समीप सुनसान जगह पर फेंक दिया था। इस मामले में पुलिस ने बृहस्पतिवार शाम को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान बब्बन, कुंदन और नीरज के रूप में हुई है। वहीं चौथा आरोपी अब भी फरार है।
भगत सिंह कॉलोनी निवासी मृतक की पत्नी रीना देवी ने बताया कि 5 जून शाम करीब साढ़े सात बजे मूलरूप से बिहार के जिला जमुई निवासी विनोद शर्मा (34) खाना खाने के बाद बाइक से घर से बाहर गए था। उस दौरान वे किसी से फोन पर बात कर रहे थे। रात आठ बजे के बाद से उसका फोन बंद हो गया। देर रात तक घर वापिस नहीं आने पर उन्होंने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवा दी। पत्नी रीना देवी ने बताया कि उनके पति ठेकेदार विनोद नागर के साथ काम करते थे। फिलहाल वे गुडईयर कंपनी में सुपरवाइजर के पद पर काम कर रहे थे। पिछले 25 सालों से वह बल्लभगढ़ भगत सिंह कॉलोनी में रह रहे हैं।
चावला कॉलोनी पुलिस चौकी प्रभारी एसआई चमन ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह सूचना मिली थी कि गांव मच्छगर के पास एक शव प्लास्टिक के कट्टे में बरामद हुआ है। सूचना पर डीसीपी, एसीपी और थाना प्रभारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मृतक की पहचान भगत सिंह कॉलोनी निवासी विनोद के रूप में हुई है। विनोद पांच जून से लापता था।
पांच लाख में तय हुआ था हत्या का सौदा
एसीपी मुनीष ने बताया कि हत्या का मास्टरमाइंड आरोपी बब्बन है। हत्या को अंजाम देने वाले आरोपी कुंदन है। बब्बन ने कुंदन व नीरज को 5 लाख रुपये में विनोद की हत्या का सौदा तय किया था। मृतक विनोद व आरोपी बब्बन गुडईयर कंपनी में सुपरवाइजर के पद कार्यरत थे। नीरज वहां मजूरी करता था । पैसे के लालच में कुंदन व नीरज ने हत्या को अंजाम दिया। विनोद की गुमशुदगी की शिकायत के बाद से ही बब्बन पुलिस पर सही से कार्य नहीं करने का आरोप लगा रहा था। उसने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की थी।