छात्रों को स्कूल पहुंचाने जा रहे एक ऑटो को सेक्टर-16/17 की डिवाइडिंग के पास उलटी दिशा से आ रही अनियंत्रित सूमो ने टक्कर मार दी। हादसे में पलटे ऑटो के नीचे दबने से एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि करीब दस छात्रों को मामूली चोट आई।
आसपास मौजूद लोगों ने आनन-फानन में ऑटो को सीधा कर बच्चों को बाहर निकाला और सेक्टर-16 स्थित निजी अस्पताल पहुंचाया। ऑटो चालक की शिकायत पर पुलिस ने फरार सूमो चालक के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
सैयदवाड़ा ओल्ड फरीदाबाद निवासी अनिल शर्मा ऑटो चालक है। सेक्टर-18/19 और 28 के कुछ अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल से लाने व ले जाने के लिए ऑटो किया हुआ है।
बुधवार सुबह चालक बच्चों को लेकर सेक्टर-14 स्थित स्कूल छोड़ने जा रहे थे। करीब पौने आठ बजे सेक्टर-16/17 की डिवाइडिंग के पास स्थित हरी मंदिर के सामने गुजरते समय उलटी दिशा से आ रही अनियंत्रित सूमो ने ऑटो को टक्कर मार दी। ऑटो पलटते ही चीख-पुकार मच गई।
आसपास मौजूद लोगों ने आनन-फानन में ऑटो को सीधा कर बच्चों को बाहर निकाला और सेक्टर-16 स्थित निजी अस्पताल पहुंचाया। चौथी कक्षा के छात्र मयंक केशवानी निवासी सेक्टर-29 को गंभीर चोटें आई हैं।
उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है, जबकि कक्षा पांचवीं के विद्यार्थी वंश नारंग, प्राची, हर्षिता और समर्थ समेत दस छात्रों को मामूली चोटें आईं। सेक्टर-17 चौकी इंचार्ज एएसआई सतवीर सिंह ने बताया कि ऑटो चालक अनिल शर्मा के बयान पर सूमो चालक के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
उन्होंने बताया कि ऑटो चालक ने स्कूली बच्चों को लाने व ले जाने के लिए परमिशन नहीं ले रखी है, ऑटो का इंश्योरेंस भी नहीं है। मामले में ऑटो चालक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
असुरक्षित ऑटो पर उठने लगे सवाल
बुधवार सुबह हुए हादसे के बाद एक बार फिर शहर में दौड़ रहे असुरक्षित ऑटो पर सवाल उठने लगे हैं। टैंपो-ऑटो एसोसिएशन के प्रधान वासुदेव अहेरिया बताते हैं कि शहर में 600 से अधिक ऑटो बच्चों को स्कूल पहुंचाने और घर ले जाने का काम करते हैं।
इन ऑटो की फिटनेस, बीमा आदि शायद ही कभी चेक किया जाता हो। उनका कहना है कि अभिभावक थोड़ा पैसा बचाने के लालच में किसी भी ऑटो को हायर कर लेते हैं।
हायर करने से पहले अभिभावकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चालक ने स्कूली बच्चे ले जाने की अनुमति पुलिस और आरटीए से ले रखी है या नहीं। ऑटो का बीमा है या नहीं और चालक के पास कमर्शियल लाइसेंस है या नहीं। हादसा होने की सूरत में कानूनी रूप से इन सभी का महत्व होता है।
मालूम हो कि बुधवार को जिस ऑटो का एक्सीडेंट हुआ, उसका न तो बीमा था और न ही स्कूली बच्चों को ले जाने का परमिशन। कानून के जानकार बताते हैं कि इन कमियों की वजह से ऑटो में सवार बच्चों को बीमा या किसी अन्य तरह का लाभ नहीं मिल सकेगा।