फरीदाबाद के सेक्टर-17 निवासी सुहानी भटनागर के निधन की खबर मिलने ही शहरवासी शोक में डूब गए। आसपास के लोग सुबह से ही परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए पहुंचने लगे। सुहानी ने कॅरिअर की शुरुआत दंगल फिल्म से दंगल गर्ल के किरदार के रूप में की थी।
सुहानी की मां पूजा भटनागर ने बताया, बेटी ने महज 10 साल की उम्र में दंगल फिल्म की थी। इसके बाद से लोग उसे दंगल गर्ल के नाम से जाने लगे थे। उसे शुरू से मॉडलिंग और एक्टिंग करने का शौक था।
इस वजह से बेटी को दिल्ली में इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। जहां पर 1000 बच्चों में से सुहानी के साथ-साथ एक और बच्ची का चयन फिल्म के लिए हुआ। इसके बाद उसे दंगल फिल्म में बबीता फोगाट के बचपन का रोल मिला।
उन्होंने बताया कि एक्टिंग का शौक होने के बावजूद सुहानी ने मास कम्युनिकेशन (जर्नलिज्म) को चुना था। वह फरीदाबाद की मानव रचना शिक्षण संस्थान में द्वितीय वर्ष में पढ़ रही थी। उसका सपना था कि वह पढ़ाई के बाद अपने एक्टिंग के कॅरिअर को आगे बढ़ाएगी, लेकिन यह पूरा नहीं हो पाया। सुहानी के निधन से पूरा परिवार बेहद दुखी है लेकिन उन्हें फक्र है कि बेटी ने छोटी सी उम्र में अपना ही नहीं बल्कि फरीदाबाद का भी नाम रोशन किया।
बता दें कि दंगल फिल्म में पहलवान बबीता फोगाट के बचपन का रोल निभाने वाली सुहानी भटनागर का शनिवार को महज 19 वर्ष की उम्र में दिल्ली के एम्स में निधन हो गया। बताया गया है कि दो माह पहले सुहानी के हाथ में सूजन आ गई थी और शरीर पर लाल चकत्ते पड़ने लगे।
फिर डर्मेटोमायोसिटिस बीमारी की चपेट में आकर शरीर में पानी (फ्ल्यूड) भरने के कारण फेफड़े खराब हो गए। शाम को अजरौंदा श्मशान घाट में सुहानी का दाह संस्कार किया गया। छह वर्ष की उम्र में दंगल गर्ल बनकर आईं सुर्खियों में सेक्टर 17 निवासी सुहानी भटनागर ने कई विज्ञापनों में भी काम किया।
10 दिन से एम्स में थी भर्ती
अभी मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई कर रही थीं। अभिनेता आमिर खान के प्रोडक्शन हाउस ने भी संवेदनाएं जताई हैं। पिता पुनीत भटनागर ने बताया कि हाथ पर लाल चकत्ते होने पर उन्हें लगा एलर्जी हो गई है, जिसके बाद फरीदाबाद के कई अस्पतालों में इलाज कराया। हालत बिगड़ने पर दस दिन पहले दिल्ली एम्स में भर्ती कराया था।
सुहानी को मिले अवॉर्ड
स्टार स्क्रीन अवॉर्ड 2018 में सुहानी को बेस्ट चाइल्ड एक्टर अवॉर्ड से नवाजा गया
एफओआई ऑनलाइन पुरस्कार 2016 में पहली बार सर्वश्रेष्ठ बाल अभिनेत्री पुरस्कार के लिए नामांकन