सीबीएसई विद्यालयों में लागू होगा आर-3 मॉडल
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के सीबीएसई विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा छठी के छात्रों को नए शैक्षणिक सत्र से हिंदी-अंग्रेजी के साथ-साथ तीसरी भाषा पढ़ने का मौका मिलेगा। इससे छात्र बहुभाषावाद के महत्व के प्रति जागरूक होंगे। छात्रों में भाषाई प्रवीणता, सांस्कृतिक समझ विकसित होगी और राष्ट्रीय एकता को बल मिलेगा। बोर्ड ने इसे लागू करने के लिए विद्यालयों को 16 अप्रैल तक का समय दिया है।
जानकारी के अनुसार केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बहुभाषावाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विद्यालयों में आर-1, आर-2 और आर-3 मॉडल लागू किया है। इसके तहत छात्रों को दो भारतीय भाषाओं के साथ एक अतिरिक्त भाषा का अध्ययन करना होगा। जिले के कई सीबीएसई विद्यालयों ने पहले ही इस मॉडल को लागू कर दिया है, जबकि शेष को लागू करने के लिए समय दिया गया है। बोर्ड द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विद्यालयों को आर-3 मॉडल के लिए जल्द ही पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन तब तक विद्यालयों को अपने स्तर ही उपलब्ध पाठ्यपुस्तकों से इसका अध्ययन करना होगा। छात्रों द्वारा चुनी गई भाषा ही कक्षा नौवीं और 10वीं में विकल्प के तौर उपलब्ध रहेगी।
छात्र ऐसे चुन सकेंगे भाषा
विद्यालयों में आर-3 मॉडल लागू करने के लिए छात्रों को विकल्प दिए जाएंगे कि वे कौनसी तीसरी भाषा को पढ़ने में रुचि रखते हैं। इसके बाद बहुमत के आधार पर भाषा का चयन किया जाएगा। इसके अलावा आर-3 मॉडल क्षेत्र पर भी निर्भर करेगा कि वहां कौनसी मातृभाषा बोली जाती है। इसके बाद विद्यालयों को चयनित भाषा को अपने क्षेत्रीय अधिकारी कार्यालय में सूचित करना होगा।
वर्जन-
जिले के कई विद्यालयों में आर-3 मॉडल पहले से ही लागू है। इस मॉडल के माध्यम से छात्रों को हिंदी और अंग्रेजी के अलावा भी एक और भाषा को पढ़ने का मौका मिलेगा। इससे छात्रों में भाषा के प्रति लगाव बढ़ेगा साथ ही उनमें ज्ञान की वृद्धि होगी। - अनीता गौतम, नोडल अधिकारी सीबीएसई