संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। डीएवी शताब्दी महाविद्यालय में मंगलवार को हिंदी विभाग और हिंदी साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, पंचकूला के संयुक्त तत्वावधान में गजलकार दुष्यंत कुमार की 50वीं पुण्यतिथि मनाई गई। इस मौके पर दुष्यंत स्मृति राष्ट्रीय गजल संगोष्ठी एवं काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं के भीतर छिपे साहित्य प्रेम को मंच मिला।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण काव्य पाठ प्रतियोगिता रही, जिसमें महाविद्यालय के 17 विद्यार्थियों ने दुष्यंत कुमार की गजलों और स्वरचित रचनाओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इनमें अनन्या ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि जतिन गोयल दूसरे और आलम तीसरे स्थान पर रहे। सभी विजेताओं को स्मृति चिह्न, प्रमाण पत्र और नकद राशि देकर सम्मानित किया गया।
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे वरिष्ठ गजलकार हरेराम समीप ने कहा कि दुष्यंत कुमार की गजलें आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। वहीं विशिष्ट अतिथि प्रमोद शर्मा ने उन्हें हिंदी गजल का वास्तविक प्रस्तोता बताया। कार्यक्रम के निर्देशक डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी ने विद्यार्थियों को साहित्य से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान राहुल शिवाय ने अपनी गायकी से दुष्यंत कुमार की गजलों को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।