पोस्टर, नोटिस लगाने के साथ जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के सरकारी और निजी महाविद्यालयों में रैगिंग रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। नए सत्र की शुरुआत के साथ ही कॉलेज परिसरों में शिकायत ड्रॉप बॉक्स लगाने का निर्णय लिया गया है, ताकि छात्र-छात्राएं बिना किसी दबाव के अपनी समस्या दर्ज करा सकें। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, रैगिंग की घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। छात्रों को इसके बारे में जागरूक करने के लिए कॉलेजों में पोस्टर, नोटिस लगाए जा रहे हैं। साथ ही जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
जिला उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. सुनिधि ने बताया कि यदि कोई छात्र या छात्रा रैगिंग का शिकार होता है, तो वह सीधे कॉलेज प्रशासन को लिखित शिकायत कर सकता है या फिर ड्रॉप बॉक्स में अपनी शिकायत डाल सकता है। इस दौरान शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रैगिंग करने वाले छात्रों पर कड़ी कार्रवाई होगी। ऐसे छात्रों के खिलाफ कॉलेज से निष्कासित करना, परीक्षा में रोक लगाना, छात्रवृत्ति रद्द करना या फिर पुलिस कार्रवाई जैसे सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि रैगिंग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी संस्थानों को इस संबंध में सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसे माना जाएगा रैगिंग
•
ऐसा व्यवहार या भाषा जो अपमानजनक या आक्रामक हो।
•
कोई भी टिप्पणी जिससे छात्र-छात्रा की गरिमा आहत होती हो।
•
ऐसा कार्य जिससे साथी विद्यार्थियों को मानसिक या शारीरिक कष्ट पहुंचे।
•
धमकाना, डराना या अनुचित दबाव डालना।
•
जबरन कोई काम करवाना, जैसे नोट्स लिखवाना या निजी काम कराना।
•
नए छात्रों को जानबूझकर शर्मिंदा करना या मजाक उड़ाना।