डोर-टू-डोर कचरा उठान, वेंडर्स, आरडब्ल्यूए और नागरिक सभी निगरानी में होंगे, हर शनिवार होगी समीक्षा बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम फरीदाबाद ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के उल्लंघन पर अब सख्त रुख अपनाने का फैसला किया है। निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने स्पष्ट किया है कि 1 फरवरी से शहरभर में बड़े स्तर पर चालान की कार्रवाई शुरू की जाएगी। यह अभियान डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाने, कचरे का पृथक्करण न करने और अवैध रूप से कचरा फेंकने वालों के खिलाफ चलाया जाएगा।
फरीदाबाद तेजी से बढ़ता औद्योगिक और आवासीय शहर है जहां प्रतिदिन करीब 900 से 1000 मीट्रिक टन ठोस कचरा निकलता है। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी के कारण शहर की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है। अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अपंजीकृत वेंडर्स पर होगी कड़ी कार्रवाई
निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण से जुड़े सभी वेंडर्स को सख्त निर्देश दिए हैं कि जिन वेंडर्स का नगर निगम में पंजीकरण नहीं है, वे तुरंत अपना पंजीकरण कराएं। उन्होंने कहा कि बिना पंजीकरण कचरा उठाने वाले वेंडर्स न केवल नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं बल्कि शहर में अनियंत्रित कचरा डंपिंग की समस्या को भी बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि 1 फरवरी के बाद ऐसे वेंडर्स के खिलाफ चालान, वाहन जब्ती और सेवा प्रतिबंध जैसी कार्रवाई की जाएगी। निगम अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी जोनों में वेंडर्स की सूची का भौतिक सत्यापन किया जाए।
आरडब्ल्यूए और संस्थाएं भी निगरानी में
नगर निगम ने इस अभियान के तहत रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, मार्केट एसोसिएशन, स्कूलों, अस्पतालों और बड़े संस्थानों को भी निगरानी के दायरे में लाने का निर्णय लिया है। निगम आयुक्त ने बताया कि कई कॉलोनियों और सोसाइटियों में गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण नहीं किया जा रहा जो सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2016 का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन न करने वाली आरडब्ल्यूए पर जुर्माना लगाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर नोटिस भी जारी किए जाएंगे। नगर निगम का लक्ष्य केवल चालान करना नहीं बल्कि व्यवहार में बदलाव लाना है।
स्वैच्छिक अभियान से जोड़े जाएंगे नागरिक और संगठन
सख्ती के साथ-साथ नगर निगम ने स्वैच्छिक सहभागिता पर भी जोर दिया है। निगम आयुक्त ने बताया कि स्वच्छता अभियान को प्रभावी बनाने के लिए नागरिकों, सामाजिक संगठनों, एनजीओ और स्वयंसेवकों को जोड़ा जाएगा। इसके लिए नगर निगम की ओर से एक ओपन प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है जहां इच्छुक लोग अपना योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल निगम की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि इसमें हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। जागरूकता के बिना स्थायी समाधान संभव नहीं है।
हर शनिवार होगी समीक्षा बैठक
अभियान की प्रगति की निगरानी के लिए नगर निगम ने हर शनिवार समीक्षा और समन्वय बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। इन बैठकों की अध्यक्षता स्वयं निगम आयुक्त करेंगे। बैठक में वार्ड पार्षद, स्वयंसेवक, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हो सकेंगे। इन बैठकों में फील्ड से मिलने वाली समस्याओं, सुझावों और शिकायतों पर सीधे चर्चा की जाएगी ताकि तुरंत समाधान निकाला जा सके।