-एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने औद्योगिक प्लांट का कंप्लीशन प्रमाणपत्र देने के नाम पर रुपये लेते पकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले में भ्रष्टाचार के मामलों पर लगाम नहीं लग रही है। एक के बाद एक नए मामले सामने आने के बाद भी अधिकारी रिश्वतखोरी से बाज नहीं आ रहे। बुधवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने औद्योगिक प्लांट का कंप्लीशन प्रमाणपत्र देने के नाम पर 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हरियाणा राज्य औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) के स्टेट मैनेजर विकास चौधरी और सहायक संपदा अधिकारी मनोज बंसल को रंगे हाथों कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया है।
एचएसआईआईडीसी अधिकारी शिकायकर्ता से डेढ़ लाख रुपये की मांग कर रहे थे। शिकायतकर्ता अधिकारियों को 75 हजार रुपये पहले दे चुके थे। बाकी बचे 75 हजार रुपये के लिए लगातार उन पर दबाव बनाया जा रहा था। इससे वह मानसिक प्रताड़ना से जूझ रहे थे। परेशान हाेकर पीड़ित ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से कर दी। बुधवार को एसीबी ने जाल बिछाकर दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया । दोनों से पूछताछ की जा रही है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि एक पुराने औद्योगिक प्लांट का कंप्लीशन प्रमाणपत्र के एचएसआईआईडीसी ने उद्यमी को नोटिस भेजा था। नोटिस मिलने पर उद्यमी ने जब अधिकारियों से संपर्क किया तो उनसे सर्टिफिकेट देने की एवज में करीब तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी। ये सौदा कम होते-होते डेढ़ लाख रुपये में तय हो गया था। अधिकारी उद्यमी से 75 हजार रुपये ले भी चुके थे। उसके बाद बाकी बचे 75 हजार रुपये के लिए दबाव बना रहे थे। पैसों के लिए उन्हें बार-बार परेशान किया जाता था और पैसे न देने पर फाइल रद्द करने की धमकी दी जाती थी। इससे वह काफी परेशान हो गए थे।
एंटी करप्शन ब्यूरो में दी शिकायत
एचएसआईआईडीसी अधिकारियों की प्रताड़ना से परेशान होकर अधिवक्ता पीएल शर्मा ने एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दी और बताया कि कंप्लीशन सर्टिफिकेट देने के लिए अधिकारी पैसे मांग रहे हैं। जबकि, उनके साथी पहले ही 75 हजार रुपये दे चुके हैं। बाकी के 75 हजार रुपये न देने पर प्लांट को कैंसिल करने की धमकी देते हैं। प्लानिंग के एसीबी की टीम ने 50 हजार रुपये देकर अधिवक्ता को एचएसआईआईडीसी कार्यालय में आईएमटी भेजा। जब स्टेट मैनेजर विकास चौधरी से संपर्क किया तो उसने सहायक संपदा अधिकारी मनोज बंसल के पास भेज दिया। इस दौरान एसीबी ने अपना जाल बिछा लिया था। अधिवक्ता ने जैसे ही मनोज बंसल को रिश्वत के पैसे दिए, एसीबी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। वहीं स्टेट मैनेजर विकास चौधरी अधिकारियों से बचकर भागने की काेशिश कर रहा था लेकिन, एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। एसीबी के एडिशनल एसपी अनिल कुमार ने कहा है कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जांच के बाद भी इस संबंध में कुछ कहा जा सकता है।