फरीदाबाद। एसआरएस समूह के निदेशक अनिल जिंदल का अस्पताल के कमरे में बीयर के साथ वीडियो वायरल होने पर पुलिस विभाग ने उसकी सुरक्षा में तैनात तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एसीपी क्राइम अनिल यादव को सौंपी गई है।
बुधवार को एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें एसआरएस समूह के निदेशक अनिल जिंदल एक कमरे में बैठे हुए हैं। उनके सामने मेज पर बीयर की केन रखी हुई हैं और उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भी वीडियो में नजर आ रहे हैं। मामले का संज्ञान लेते हुए एसीपी क्राइम ने तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि अदालत के आदेश पर जिंदल को जेल से इलाज के लिए मेट्रो अस्पताल ले जाया गया था। इस दौरान आरोपी के कमरे में खाने के सामान के साथ बीयर के केन का एक वीडियो 15 सितंबर की शाम वायरल होने लगा। पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने एसीपी क्राइम को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।
एसीपी क्राइम अनिल यादव ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो 28 अगस्त की रात का है। आरोपी को अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया था। विचाराधीन बंदी के कमरे में पहुंचाए गए सामान की ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों ने जांच की। इस लापरवाही के चलते तीनों पुलिसकर्मियों ईएसआई संजीव, हवलदार चंद्रप्रकाश और सिपाही मुकेश को निलंबित किया गया है। इसके साथ ही नीमका जेल अथॉरिटी व मेट्रो हॉस्पिटल के प्रबंधन को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए हैं।
इस मामले में बंद हैं जिंदल
एसआरएस समूह के निदेशक अनिल जिंदल पर लोगों को मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपये हड़पने का आरोप है। कई बैंकों के साथ धोखाधड़ी के आरोप भी उनके ऊपर लगे हैं। सीबीआई व ईडी सहित कई एजेंसियां उसके ऊपर लगे आरोपों की जांच कर रही हैं। साल 2017 में फरीदाबाद पुलिस ने आरोपी व उसके साथियों को गिरफ्तार किया था। वे तभी से नीमका जेल में बंद हैं। 28 अगस्त को दिल से संबंधित बीमारी के इलाज के लिए सेक्टर-16 स्थित मेट्रो अस्पताल में भर्ती किया गया था। इस दौरान उनके कमरे में बीयर होने का वीडियो किसी स्टाफ ने बना लिया। अगले दिन उन्हें जेल में वापस भेज दिया गया था।