-लाखों रुपये कीमत के जेनरेटर बने शोपीस, नहीं है डीजल और रखरखाव की कोई व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। प्रदेश के मुख्यमंत्री के आदेश पर प्रशासन द्वारा लघु सचिवालय स्थित सभागार में शुरू किए गए समाधान शिविर में सोमवार को अचानक बिजली बंद होने के कारण अंधेरा हो गया, जिसके कारण काफी देर तक ना तो शिविर में लगे सीसीटीवी कैमरे की एलईडी चल सकी और ना ही अधिकारी और कर्मचारी ठीक से शिकायतों को देख सके।
हैरानी की बात यह है कि शिविर में तहसीलदार अनिल कुमार के अलावा बिजली विभाग व अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन बिजली बंद रहने के कारण आमजन के साथ अधिकारियों को भी परेशानियों का सामना करना पडा। प्रदेश सरकार द्वारा तहसील परिसर स्थित सरल केंद्र और अन्य कार्यालयों में लाइट की व्यवस्था के लिए लाखों रुपये कीमत के दो बड़े जेनरेटर लगाए हुए हैं, लेकिन जेनरेटर मात्र शोपीस बने हुए हैं। बताया जाता है कि जेनरेटरों में डीजल और उनके रखरखाव की व्यवस्था नहीं होने के कारण पिछले काफी समय से बंद पडे हुए हैं। इसके कारण सोमवार को एसडीएम कार्यालय में लगाया गया समाधान शिविर अधिकारियों को अंधेरे में रहकर ही लगाना पडा।
इन्वर्टर है नहीं, जेनरेटर भी नहीं चलते
प्रशासन द्वारा लगाए जा रहे समाधान शिविर में आमजन की शिकायत सुनने के लिए लाइट की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। लाइट कट होने के बाद कार्यालय में अंधेरा छा जाता है। उक्त कार्यालयों में न तो इन्वर्टर की कोई व्यवस्था है और न ही जेनरेटर चलते हैं। बताया जाता है कि सरल केंद्र में भी जमीनी रजिस्ट्री या जायदाद संबंधित अन्य कार्यों के दौरान बिजली गुल होने के बाद जेनरेटर नहीं चलाए जाते हैं। लाइट जाते ही यहां भी अंधेरा छा जाता है और सभी कंप्यूटर बंद हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि लाखों रुपए कीमत के जेनरेटर होने के बावजूद प्रशासन की नाक के नीचे इस प्रकार की लापरवाही होना बडे खेद की बात है।