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बड़खल झील में स्मार्ट पार्किंग, मरीन ड्राइव का आनंद

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फरीदाबाद। प्रसिद्ध बड़खल झील को गुलजार करने की कवायद तेजी से जारी है। सेक्टर-21ए में सीवर शोधन संयंत्र का निर्माण कार्य लगभग 50 फीसदी पूरा कर लिया गया है। झील तक पानी पहुंचाने के लिए ड्रेनेज लाइन बिछाने का काम पूरा कर लिया गया है। जल्द झील के अंदर लगी झाड़ियों को काटने का काम किया जाएगा। पर्यटक यहां स्मार्ट पार्किंग तहत-तहत की झूलों का आनंद ले सकेंगे। फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से ठेकेदार को इसके वर्क ऑर्डर (काम सौंपना) जारी कर दिए गए है।
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अरावली की वादियों में बसी बड़खल झील वर्ष 2005 से पहले तक लबालब थी, लेकिन भूजल दोहन के कारण आज सूखी पड़ी है। इसमें बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। पूर्व में यह झील दिल्ली-एनसीआर के लोगों का सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल थी। झील सूखते ही पर्यटकों ने इससे मुंह मोड़ लिया। विधायक सीमा त्रिखा के ड्रील प्रोजेक्ट बड़खल झील को सात जून 2015 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण की घोषणा की। इसके बाद यह प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी में शामिल कर लिया गया था। साल 2018 में झील के जीर्णोद्धार का काम शुरू किया गया। अब स्मार्ट सिटी की ओर से बड़खल झील तक पाइप बिछा दिए गए हैं। सेक्टर-21ए में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य 50 फीसदी पूरा हो गया है। इसके अलावा निर्माणाधीन तीन बूस्टिंग स्टेशन का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है।
एसटीपी लगाया जाएगा
सीवर शोधन संयंत्र लगाया जाएगा, जिससे पानी पूरी तरफ से साफ हो जाएगा। एसटीपी में हर रोज 10 एमएलडी पानी पांच बीओडी मात्रा तक ट्रीट (साफ) करेगा। इस पानी को हर रोज मोटी पाइप के जरिये झील तक पहुंचाया जाएगा। झील को 300 दिन में छह मीटर ऊंचाई तक पानी से भरने की योजना है। इसके बाद एसटीपी से हर रोज केवल तीन एमएलडी पानी ही झील के अंदर डाला जाएगा, जिससे पानी बरकरार रहे। बाकी के बचे हुए सात एमएलडी पानी को शहर के अन्य कामों में इस्तेमाल कर लिया जाएगा।
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मरीन ड्राइव की तर्ज पर बनाए जाएंगे घाट
स्मार्ट सिटी लिमिटेड की सीईओ डॉ. गरिमा मित्तल ने बताया कि झील के घाटों को मरीना डेवलपमेंट (विकसित) योजना के तहत मुंबई के मरीन ड्राइव की तर्ज पर आधुनिक तकनीक के साथ रिटेनिंग वॉल के माध्यम से बनाया जाएगा। ये देखने में बेहद खूबसूरत होंगे। इस पर करीब 21 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
बच्चों के साथ बड़े भी ले सकेंगे झूलों का आनंद
बड़खल झील में बच्चों के झूलों के साथ बड़ों के लिए भी झूले लगाए गए जाएंगे। इसके रेस्त्रां, जूस कॉर्नर, वॉकिंग ट्रैक की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। योगाभ्यास, व्यायाम करने की सुविधा मिलेगी। लोगों को पार्किंग की समस्या से निजात दिलाने के लिए स्मार्ट सर्फेस पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। इसकी खासियत यह होगी कि वाहन पार्किंग करने के बाद सीधे झील तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
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कहां कितना आएगा खर्च
- स्मार्ट पार्किंग के निर्माण पर 3.08 करोड़
- झील के अंदर झाड़ियां काटन के साथ मुख्य बांध को बड़ा करना 20.53 करोड़ रुपये
- बड़खल झील के अन्य कार्यों पर 1.42 करोड़
झील का क्षेत्रफल
- झील की कुल लंबाई 2.5 किमी व चौड़ाई 500 मीटर है।
- 40 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैली है पूरी झील।
- वर्ष 2000 के बाद पानी कम होना हुआ शुरू।
- वर्ष 2004 के बाद झील बिल्कुल सूख गई।
- अरावली में अवैध खनन और अवैध ट्यूबवेल की वजह से सूखी झील।
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