सितंबर में पेटी मार्केट से हटाई गईं थी दुकानें, घर चलाना हो रहा मुश्किल
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एनआईटी तिकोना पार्क के पास वर्षों से काम कर रहे पेटी मार्केट के दुकानदारों की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं। अतिक्रमण हटाए जाने के बाद बीते करीब पांच महीनों से बेरोजगार बैठे दुकानदारों ने बुधवार को नगर निगम के जॉइंट कमिश्नर जितेंद्र जोशी से मुलाकात कर अपनी स्थिति बताई। दुकानदारों ने कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उनका परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।
दुकानदारों ने जॉइंट कमिश्नर से मांग की कि उन्हें किसी उपयुक्त जगह पर बसाया जाए ताकि रोजी रोटी दोबारा शुरू हो सके। इस पर जितेंद्र जोशी ने भरोसा दिलाया कि वह इस मामले में स्थानीय विधायक से बातचीत करेंगे और उपलब्ध जमीन की संभावनाएं तलाश कर समाधान निकालने की कोशिश करेंगे।
तिकोना पार्क क्षेत्र को लंबे समय से कार रिपेयर और उससे जुड़े कामों का बड़ा केंद्र माना जाता रहा है। इसके पास निगम की करीब साढ़े तीन एकड़ जमीन पर लगभग 100 दुकानदार पेटी लगाकर काम कर रहे थे जिसे पेटी मार्केट के नाम से जाना जाता था। नगर निगम की ओर से अतिक्रमण हटाने के नोटिस दिए गए लेकिन दुकानदारों के न हटने पर सितंबर 2025 में कार्रवाई कर दी गई।
पेटी मार्केट एसोसिएशन के प्रधान रियासत अली ने बताया कि वर्ष 2007 में तत्कालीन निगम कमिश्नर आरके खुल्लर ने यहां काम करने की अनुमति दी थी । शर्त यह थी कि पक्का निर्माण नहीं किया जाएगा। दुकानदारों ने इस शर्त का पालन किया और सालों तक पेटी लगाकर ही रोजगार चलाया। अब अचानक हटाए जाने से हालात बिगड़ गए हैं। बच्चों की स्कूल और कॉलेज फीस तक भरना मुश्किल हो गया है।
जॉइंट कमिश्नर ने दुकानदारों से यह भी कहा कि यदि वे किसी संभावित जगह का सुझाव निगम को देते हैं तो वहां बसाने की प्रक्रिया पर विचार किया जा सकता है। दुकानदारों को उम्मीद है कि विधायक और निगम के स्तर पर बातचीत के बाद कोई ठोस रास्ता निकलेगा और उनका काम फिर से शुरू हो पाएगा।