जिले के लोग अलग अलग अंदाज में मनाते हैं रक्षाबंधन
काजल कुमारी
फरीदाबाद। रक्षाबंधन अब सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह पर्व अब समाज, देश और प्रकृति से जुड़ाव का प्रतीक बनता जा रहा है। इसमें लोग अपने विचार की अलग- अलग परिभाषा को डाल रहे हैं। शहर में ऐसे कई लोग हैं जो अलग अंदाज में रक्षाबंधन मनाना पसंद करते हैं। इस त्योहार पर कोई सैनिकों को भेजता हैं तो कोई पेड़ों को राखी बांधता है।
सैनिकों के नाम हर साल जाती हैं स्नेह की राखियां
सराय निवासी रूही और जान्हवी दोनों किन्नर समाज से आती है। वह दोनों रक्षा बंधन पर वर्ष कुछ राखियां बॉर्डर पर तैनात जवानों को भेजती हैं। उन्होंने बताया कि वह पिछले दो सालों से बॉर्डर पर राखियां ही नहीं भेजती हैं बल्कि साथ में पत्रों के माध्यम से सैनिकों को स्नेह और सम्मान भी भेजती हैं।
पेड़ों को बांधती हैं राखी, लिया संरक्षण का संकल्प
सेक्टर सात की रहने वाली रूपा देवी और उनका परिवार पिछले साल से पेड़ों को राखी बांधने की परंपरा निभा रहे हैं। वे रक्षाबंधन पर अपने घर के आसपास पार्कों में मुख्य सड़कोंं पर पौधों और बड़े पेड़ों को राखी बांधते हैं और पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लेते हैं। उनका मानना है कि प्रकृति भी हमारी रक्षक है, इसलिए हमें भी उसकी रक्षा करनी चाहिए।
मधु और नंदनी पालतू कुत्ते को बांधती हैं राखीं
सेक्टर-54 स्थित लाल कोठी की रहने वाली मधु और नंदनी अपने पालतू कुत्ते केश को बीते तीन साल से राखी बांध रही हैं। उनका कहना है कि वो उनका सबसे अच्छा दोस्त है, जब वह उदास होती है तो केश हमेशा उनके पास रहता है। इसलिए वह दोस्त, भाई और परिवार तीनों का एक बेहतरीन रिश्ता निभा रहा हैं।