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रेमडेसिविर की कालाबाजारी करते सात काबू, 20 इंजेक्शन बरामद

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फरीदाबाद। शहर की दो अलग-अलग क्राइम ब्रांच ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो गिरोह को काबू किया है। क्राइम ब्रांच सेक्टर-56 व बदरपुर बॉर्डर ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर बीस इंजेक्शन बरामद किए हैं। आरोपी एशियन और सर्वोदय अस्पताल में कार्यरत थे। क्राइम ब्रांच ने सभी को अदालत से रिमांड पर लिया है। इस दौरान गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
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सेक्टर-56 क्राइम द्वारा पकड़े गए आरोपियों के एक गिरोह में शामिल चार आरोपी सेक्टर-21 स्थित एशियन हॉस्पिटल के नर्सिंग स्टॉफ में कार्यरत थे। क्राइम ब्रांच बदरपुर बॉर्डर ने तीन आरोपियों को दबोचा। इस गिरोह का एक बदमाश सेक्टर-8 सर्वोदय अस्पताल में फार्मासिस्ट था। क्राइम ब्रांच-56 ने अनखीर से चार आरोपियों संतोष, लवकुश, ओमप्रकाश व तपन को गिरफ्तार करके 16 इंजेक्शन बरामद किए, जबकि क्राइम ब्रांच बदरपुर बॉर्डर ने तीन आरोपियों भूपेंद्र, वीरेंद्र और पवन को सेक्टर-6 से पकड़कर उनके कब्जे से 4 इंजेक्शन बरामद किए हैं। सभी आरोपी इंजेक्शन का इंतजाम अस्पताल से ही करते थे। वे यहां से इंजेक्शन को चोरी करते और रिकार्ड में गड़बड़ी कर देते थे। जरूरतमंद लोगों से इसके लिए महंगे दाम वसूल किये जाते थे। सभी आरोपियों के खिलाफ सेक्टर-17 व सूरजकुंड थाने में आपदा प्रबंधन अधिनियम, कॉस्मेटिक एंड ड्रग्स सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
डीसीपी क्राइम जयवीर राठी ने बताया कि आरोपी इंजेक्शन चोरी करने के बाद उन्हें तीस हजार रुपये प्रति इंजेक्शन के हिसाब से बेचकर लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते थे। पुलिस टीम ने आरोपियों से इंजेक्शन बेचने का लाइसेंस मांगा, लेकिन वह कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। उन्होंने बताया कि सभी से पूछताछ की जा रही है। उम्मीद है कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। सर्वोदय अस्पताल के मेडिकल एडमिनिस्ट्रेटर डॉ. सौरव गहलोत का कहना है कि आरोपी कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया गया है। इसके साथ ही अन्य कर्मचारियों पर भी सख्ती बढ़ाई गई है। अस्पताल के उच्च अधिकारी पूरे मामले की अपने स्तर पर भी जांच कर रहे हैं। इधर एशियन अस्पताल की प्रवक्ता ईशा इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
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