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Faridabad News: सेक्टर-16 के बाजार में टूटी सड़कों और जलभराव से मिलेगी राहत

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फरीदाबाद सेक्टर 16 की मार्केट। संवाद  मोहित शुक्ला की खबर के साथ ।
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नगर निगम ने बाजार के पुनर्विकास की योजना को मंजूरी दी, करोड़ों रुपये से होगा काम
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में शुमार सेक्टर-16 की मार्केट अब जल्द ही बदली हुई तस्वीर के साथ नजर आएगी। नगर निगम ने सेक्टर-16 के पॉकेट-ए और बी स्थित बाजार के पुनर्विकास की योजना को मंजूरी दे दी है। करोड़ों रुपये की लागत से होने वाले इन प्रोजेक्ट का उद्देश्य बाजार की जर्जर हो चुकी बुनियादी सुविधाओं को आधुनिक स्वरूप देना है। लंबे समय से टूटी सड़कों, उखड़े फुटपाथ और जलभराव की समस्या से जूझ रहे व्यापारियों और ग्राहकों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना को 12 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। काम पूरा होने के बाद यह बाजार सुविधाजनक होने के साथ स्मार्ट सिटी के मानकों के अनुरूप विकसित होकर क्षेत्र की नई पहचान भी बनेगा। सेक्टर-16 का यह बाजार लंबे समय से रखरखाव के अभाव में बदहाल स्थिति में पहुंच गया था। फुटपाथों के पेवर ब्लॉक उखड़ चुके है जिससे पैदल चलने वाले लोगों को परेशानी होती है। वहीं जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश के दौरान बाजार में पानी भर जाता है। इससे व्यापार प्रभावित होता है और ग्राहकों की आवाजाही भी कम हो जाती है।
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स्थानीय दुकानदारों का कहना रहा है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो पाया था। ऐसे में इस पुनर्विकास योजना को बाजार के लिए जरूरी कदम माना जा रहा है।

बुनियादी ढांचे को किया जाएगा मजबूत

नगर निगम की योजना के तहत बाजार के अंदरूनी रास्तों और फुटपाथों को पूरी तरह नए सिरे से तैयार किया जाएगा। पुराने और क्षतिग्रस्त पेवर ब्लॉक्स को हटाकर नए मजबूत और डिजाइनर ब्लॉक्स लगाए जाएंगे। सड़कों के नीचे 100 मिमी मोटी सीमेंट कंक्रीट की परत बिछाई जाएगी जिससे सड़कों की मजबूती बढ़ेगी और लंबे समय तक मरम्मत की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा जलभराव की समस्या को खत्म करने के लिए नई ड्रेनेज लाइन डाली जाएगी। इससे बरसात के मौसम में बाजार में पानी जमा नहीं होगा और व्यापार सामान्य रूप से चलता रहेगा।

गुणवत्ता पर विशेष जोर, जवाबदेही की गई तय

इस परियोजना में निर्माण की गुणवत्ता को लेकर विशेष प्रावधान किए गए हैं। नगर निगम ने एजेंसी के लिए 1095 दिनों यानी करीब तीन साल की डिफेक्ट लायबिलिटी अवधि तय की है। इस अवधि के दौरान यदि किसी प्रकार की खराबी सामने आती है तो संबंधित एजेंसी को अपने खर्च पर उसे ठीक करना होगा। साथ ही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए साइट पर फील्ड लैब स्थापित की जाएगी जहां सामग्री की जांच की जाएगी। इससे निर्माण कार्य में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है।
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डिजिटल निगरानी से होगा काम

परियोजना को समयबद्ध और सुरक्षित तरीके से पूरा करने के लिए डिजिटल तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा। निर्माण कार्य के दौरान जमीन के नीचे मौजूद पाइपलाइन या अन्य सेवाओं को नुकसान से बचाने के लिए कॉल बिफोर यू डिग एप का इस्तेमाल किया जाएगा। नगर निगम का दावा है कि इस तरह की निगरानी से काम की गति बढ़ने के साथ अनावश्यक नुकसान और देरी से भी बचा जा सकेगा।



लोगों की सुविधा के लिए नगर निगम तेजी से काम कर रहा है। जल्द इस परियोजना पर भी काम शुरू कर दिया जाएगा। - धीरेंद्र खड़गटा, निगम आयुक्त
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