नगर निगम सभी वार्डों में अभियान चलाकर इमारतों का सर्वे कराकर रिपोर्ट तैयार करेगा
रोहित शर्मा
फरीदाबाद। नगर निगम के दायरे में आने वाले पुराने और जर्जर भवनों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा। नगर निगम सभी वार्डों में अभियान चलाकर इमारतों का सर्वे कराएगा और इसकी रिपोर्ट तैयार करेगा। इसमें जो मकान असुरक्षित और खतरनाक होंगे, उन्हें खाली कराया जाएगा। जरूरत के अनुसार बुलडोजर की कार्रवाई करके आमजनों के लिए खतरा बनने वाले मकानों को ध्वस्त भी किया जाएगा।
नगर निगम आयुक्त यशेंद्र सिंह ने बताया कि जर्जर मकानों के कारण होने वाले हादसों को रोकने के लिए 30 साल और इससे पुराने मकानों का सर्वे कराने की तैयारी की गई है। इसमें पुराने, जर्जर और असुरक्षित भवनों का भौतिक सत्यापन करके रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके लिए नगर निगम आयुक्त की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। ऐसे सभी भवनों और संरचनाओं की पहचान की जाएगी, जिनसे जान-माल को खतरा हो सकता है। इनमें आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, संस्थागत, धार्मिक एवं सरकारी भवनों के साथ-साथ खाली एवं परित्यक्त भवन भी शामिल हैं। इसके साथ सर्वे टीमें बाउंड्री वॉल, बालकनी, छज्जे, पैरापेट, सीढ़ियां, पानी की टंकियां, होर्डिंग और उनके सपोर्टिंग फ्रेम, छतों पर लगे टेलीकॉम टावर, शेड तथा बेसमेंट को भी सर्वे के दायरे में रखकर उसकी मजबूती को परखेंगी।
तीन श्रेणियों में बांटे जाएंगे असुरक्षित भवन
नगर निगम सभी वार्डों में सर्वे कराकर असुरक्षित भवनों को तीन श्रेणियों में बांटेगा। सभी जोन के ज्वाइंट कमिश्नर अपने क्षेत्र में डिविजनल एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, एई, जेई एवं संबंधित स्टाफ के साथ सर्वे को पूरा कराएंगे। पहले श्रेणी में उन भवनों को रखा जाएगा, जिनके तत्काल गिरने का खतरा है। उन्हें खाली करवाकर तुरंत सुरक्षित किया जाएगा या जरूरत के अनुसार बुलडोजर से ध्वस्त कराया जाएगा। दूसरी श्रेणी में वह मकान होंगे जिन भवनों में बड़े स्तर पर संरचनात्मक मरम्मत की आवश्यकता है। उन्हें मरम्मत पूरी होने तक पूरी तरह या आंशिक रूप से खाली कराया जाएगा। तीसरी श्रेणी उन भवनों की होगी, जिनकी मामूली मरम्मत की जरूरत है। उनमें मरम्मत के दौरान उपयोग जारी रखा जा सकता है।
भवन स्वामियों को अगले सात दिन में मिलेंगे नोटिस
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा नगर निगम अधिनियम की धारा 265 के तहत पहचान के सात दिनों के भीतर नोटिस दिया जाएगा। यदि किसी भवन से तत्काल खतरा उत्पन्न हो सकता है तो उस भवन की बैरिकेडिंग करने, वहां रहने वाले लोगों तथा आसपास के लोगों को चेतावनी देने और धारा 266 के तहत भवन खाली कराने के आदेश जारी किए जा सकेंगे। मालिक या कब्जाधारी द्वारा कार्रवाई न करने की स्थिति में निगम खुद ही भवन को सुरक्षित अथवा ध्वस्त कर सकता है। इसमें होने वाला खर्च संबंधित भवन स्वामी को वहन करना होगा।
नोटिस मिलने पर इन बातों का रखना होगा ख्याल
जर्जर इमारत वाले जिन भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए जाएंगे, उन्हें हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 के तहत योग्य स्ट्रक्चरल इंजीनियर से स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट प्राप्त कर संबंधित ज्वाइंट कमिश्नर के समक्ष 30 दिनों के अंदर जमा कराना होगा। इस दौरान पहली और दूसरी श्रेणी में शामिल भवनों के खाली कराए गए हिस्से का इस्तेमाल वर्जित होगा और इसे किराये पर भी नहीं दिया जा सकेगा। खाली भवनों के मालिकों को भवन को लॉक एवं चहारदीवारी से सुरक्षित रखना होगा। राहगीरों और आसपास की संपत्ति के लिए खतरा पैदा करने वाले ढीले या लटकते हिस्सों को हटाना होगा। इन भवनों पर चेतावनी बोर्ड लगाना भी अनिवार्य किया गया है।