फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी फरीदाबाद की हालत बारिश ने खराब कर दी है। करीब दो घंटे हुई बारिश से जहां मौसम खुशनुमा हो गया। वहीं शहर के अलग-अलग इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। जलभराव ने एक बार फिर नगर निगम के दावों की पोल खोल दी। रुक-रुक के दो घंटे हुई बारिश ने सड़कों को तालाब में तब्दील कर दिया। आलम यह रहा कि वाहन तो क्या लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया। दिल्ली-आगरा हाईवे पर भी कई स्थान पर हुए जलभराव से ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। जलभराव के कारण कुछ स्थानों पर गाड़ियां भी खराब हो गईं।
क्षेत्र में पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण डबुआ कॉलोनी 60 फुट रोड पर घुटनों तक पानी भर गया। यहां घरों और दुकानों में चारों ओर पानी-पानी नजर आ रहा था। बारिश के पानी के साथ सीवर की गंदगी भी घरों में घुस गई। इससे लोगों को काफी परेशानी हुई। यही स्थिति एनआईटी तीन नंबर और सेक्टर-15 में देखने को मिली।
डबुआ 60 फुट रोड पर जलभराव से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई। बीके चौक, नीलम चौक, एक नंबर आदि जगहों से डबुआ जाने वाले ऑटो चालकों ने किनारा कर लिया। ऐसे में अपने गंतव्य तक सवारी न मिलने से लोग परेशान हुए। कुछ आटो चालक चलने को तैयार भी हुए तो पांच गुणा तक किराए की मांग की। इससे सवारियां दूसरों वाहन चालकों से लिफ्ट लेकर किसी तरह अपने गंतव्य तक पहुंचे। लोगों ने कहा कि थोड़ी सी बारिश उनके लिए मुसीबत बनकर आती है। सीवर लाइन बैक मार रही है। गंदा पानी लोगों के घरों में बह रहा है। इससे वह काफी परेशान है।
लोगों से बातचीत
डबुआ कॉलोनी को सरकार ने सेक्टर-50 बना दिया है। लेकिन, बारिश के दौरान यहां कॉलोनियों भी बत्तर हालत होती है। मंगलवार को हुई बारिश से 60 फुट रोड पर घुटनों तक पानी भर गया। - मनोज शर्मा, अधिवक्ता, 60 फुट रोड निवासी
नालों की नियमित रूप से सफाई नहीं होती है। सीवर लाइन ब्लॉक हैं। इस कारण थोड़ी सी बारिश में घरों में गंदा पानी भर जाता है। घरों में बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ गई है। - अवधेश वर्मा, पर्वतिया कॉलोनी
नगर निगम का सिस्टम बारिश में पूरी तरह फेल हो जाता है। सरकार शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की बात करती है लेकिन सीवर-पानी जैसी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। - गुरमीत सिंह, एनआईटी-3
थोड़ी देर की बारिश आफर बनकर आती है। सीवर का पानी घरों में बैक मारता है। अधिकारियों से शिकायत करते हैं। लेकिन, कहीं कोई सुनवाई नहीं होती है। अधिकारी आश्वासन देकर लौटा देते हैं। - दीपक, जवाहर कॉलोनी