-नूंह बस डिपो में आक्रोशित कर्मचारियों ने भरी हुंकार, रणनीति तय
संवाद न्यूज एजेंसी नूंह।
हरियाणा राज्य परिवहन के निजीकरण और कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ रोडवेज कर्मचारियों का आक्रोश एक बार फिर खुलकर सामने आया है। नूंह डिपो की कर्मशाला प्रांगण में हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन डिपो कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इसमें 12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर रणनीति तय की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस दिन हरियाणा रोडवेज का चक्का पूरी तरह जाम रहेगा।
बैठक की अध्यक्षता डिपो प्रधान मोहम्मद अंसार ने की, जबकि राज्य उपप्रधान जयकुंवार दहिया विशेष रूप से मौजूद रहे। संचालन डिपो सहसचिव फकरुदिन खान ने किया। वक्ताओं ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रोडवेज का निजीकरण कर्मचारियों के भविष्य से खिलवाड़ है और आम जनता से सस्ती परिवहन सुविधा छीनने का षड्यंत्र है। यूनियन नेताओं ने कहा कि अधिकारियों के साथ कई दौर की वार्ता में मांगों पर सहमति बनने के बावजूद आज तक उन्हें लागू नहीं किया गया, जो सरकार की वायदा खिलाफी को दर्शाता है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना बहाली, निजीकरण व किलोमीटर स्कीम पर रोक, सभी कच्चे व कौशल कर्मचारियों को पक्का करना, 10 हजार नई सरकारी बसें शामिल करना, खाली पदों पर स्थायी भर्ती और वेतन विसंगतियां दूर करना शामिल हैं। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो 22 फरवरी को परिवहन मंत्री आवास, अंबाला की ओर कूच किया जाएगा। बैठक में प्रमोद अहलावत, सकिल खान, जाहिद खान, इमरान खान सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।