-गोकशी की सूचना पर गई थी टीम, ग्रामीणों ने फायरिंग व पथराव कर गोकशी के आरोपी को छुड़ाया
-15 आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। उपमंडल के अंतर्गत गांव पीपाका में गोकशी की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम और गोरक्षा दल के सदस्यों पर जानलेवा हमला किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस दौरान हिरासत में लिए गए एक गोतस्कर को हमलावरों ने छुड़ा लिया, सदर थाना पुलिस ने इस मामले में 15 नामजद आरोपियों सहित अन्य के विरुद्ध केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि ग्रामीणों ने पुलिस के दावे को खारिज करते हुए कहा कि गोरक्षा दल की टीम बगैर पुलिस से पहले जबरन मकान में घुसी थी, इसी बात को लेकर विवाद हुआ।
पुलिस के अनुसार चार-पांच फरवरी की रात गोरक्षक टीम के सदस्यों ने सूचना दी कि गांव पीपाका में कासम पुत्र जुम्मा अपने घर पर गोकशी कर गौमांस बेच रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम गौरक्षक दल को लेकर मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर कासम, उसके दोनों बेटे और पत्नी मौके से फरार हो गए, जबकि एक व्यक्ति पप्पू को मौके से काबू कर लिया गया। पुलिस के अनुसार मकान के पास से गौमांस, गौकशी के औजार, तराजू-बांट और एक मोटरसाइकिल को बरामद कर रही थी। इसी दौरान मौके पर अचानक 20–25 लोगों की भीड़ एकत्र हो गई, जिन्होंने सरकारी वाहन और गौरक्षक टीम की गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। आरोप है कि भीड़ ने काबू किए गए आरोपी पप्पू को छुड़ाने का प्रयास किया और पुलिस व गौरक्षक दल पर पथराव किया।
पुलिस का दावा है कि इसी दौरान भीड़ में से किसी व्यक्ति ने अवैध हथियार से फायरिंग भी की। फायरिंग और हमले के बीच आरोपी पप्पू को छुड़ाकर एक स्विफ्ट और एक ऑल्टो कार में बैठाकर फरार हो गए। मौके से एक खाली खोल और एक कारतूस भी बरामद किया गया है। सदर थाना पुलिस ने 15 नामजद आरोपियों सहित 10–15 अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट और हरियाणा गौवंश संरक्षण अधिनियम की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
ग्रामीणों और आरोपी पक्ष का दावा
इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों और आरोपी पक्ष ने पुलिस के दावों पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गौ रक्षा दल के सदस्य बिना पुलिस को साथ लिए जबरन मकान में घुसे थे। आरोप है कि इस दौरान घर में मौजूद महिलाओं के साथ अभद्रता की गई, जिससे विवाद शुरू हुआ। आरोपी पक्ष और ग्रामीणों का कहना है कि उनकी ओर से किसी भी तरह की फायरिंग नहीं की गई। उनका आरोप है कि गौ रक्षा दल के सदस्यों ने ही दबंगई दिखाते हुए फायरिंग की, जिससे अफरा-तफरी मच गई। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इस संबंध में तावडू के डीएसपी अभिमन्यु लोहान का कहना है कि पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों, बरामदगी और जांच के आधार पर कार्रवाई की है। मौके से प्रतिबंधित मांस और गौकशी के औजार बरामद किए गए हैं तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला स्पष्ट है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।