Right now there will be no relief from cold, after three days the mercury will fall
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी में 13 फरवरी तक ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं। मौसम वैज्ञानिक की मानें तो तीन दिन बाद एक बार फिर न्यूनतम तापमान में कमी आएगी। इससे लोगों को रात में कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा। वहीं, सोमवार को पश्चिमी-उत्तर-पश्चिम की ओर से हवा चलने से अधिकतम 23 और न्यूनतम नौ डिग्री सेल्सियस में लोगों को ठंड से कुछ हद तक राहत मिली। ऐसे में पार्क में काफी संख्या में लोग धूप का आनंद लेते नजर आए।
मौसम वैज्ञानिक महेश पहलावत ने बताया कि अभी पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता कम है। इसके चलते सोमवार को पश्चिम व उत्तर-पश्चिम की ओर से हवा चली। हवा की रफ्तार लगभग सात किलोमीटर तक थी। इससे लोगों को ठंड से काफी हद तक राहत मिली। उन्होंने बताया कि नौ फरवरी को एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ेगी। इससे फरीदाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों में बूंदाबांदी के साथ मध्यम स्तर तक बारिश हो सकती है। ऐसे में दिन के तापमान में सामान्य से छह डिग्री तक कमी आ सकती है और इसके बाद से लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ सकता है। नौ फरवरी के बाद दिन के साथ रात में भी तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। इसके चलते 13 फरवरी तक लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ सकता है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि 14 फरवरी से आंशिक रूप से दिन और रात के तापमान में बढ़ोत्तरी दर्ज की जा सकती है।
प्रदूषण ने बढ़ाई परेशानी
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार सोमवार को शाम चार बजे तक फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बेहद खराब श्रेणी के साथ 301 दर्ज किया गया। वहीं बल्लभगढ़ में मध्यम स्तर के साथ एक्यूआई 186 दर्ज किया गया। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौसम वैज्ञानिक महेश पहलावत ने बताया कि प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण टूटी सड़कों से उड़ रही धूल है। इससे हवा दूषित हो रही है।