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Faridabad News: श्रम मंत्रालय से सेवानिवृत्त अधिकारी को 18 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 40 लाख ठगे

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मुंबई पुलिस का अधिकारी बनकर की कॉल, मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाकर धमकाया
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। केंद्रीय श्रम मंत्रालय से सेवानिवृत्त एक महिला अधिकारी को साइबर ठगों ने 18 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 40 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाकर बुजुर्ग महिला को धमकाया कि उसने किसी को इस कॉल के बारे में बताया तो उसकी तुरंत गिरफ्तारी होगी और पूरी जिंदगी सलाखों के पीछे गुजरेगी। आरोपियों ने महिला को इस कदर डरा दिया कि वह लगातार 18 दिनों तक व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर ऑनलाइन रहीं और समय-समय पर पैसे ट्रांसफर करती रहीं। बाद में शिकायत पर थाना साइबर एनआईटी पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ऑर्किड टावर आरपीएस ओमेक्स ग्रीन वैली सोसाइटी निवासी 67 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने बताया कि उनके पति की मृत्यु हो चुकी है। उनकी एक बेटी दिल्ली में रहती है। महिला इस सोसाइटी में अपनी 90 वर्ष की मां के साथ रहती हैं। वह केंद्रीय श्रम मंत्रालय में अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास 11 नवंबर को एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपने आपको भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) का प्रतिनिधि बताया। उसने बताया कि उनके आधार कार्ड और मोबाइल नंबर से मुंबई के केनरा बैंक में एक खाता खुला है। उस खाते में अवैध रूप से करोड़ों रुपये का लेन देन किया गया है। उस खाते से एक निजी विमानन कंपनी के सीईओ नरेश गोयल का भी लेनदेन हुआ है, लेकिन अब नरेश उनका गवाह बन गया है।
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यह सभी जानकारी सुनने के बाद महिला डर गई और मुंबई में किसी प्रकार का बैंक खाता होने और लेन देन से इनकार कर दिया। स्वयं को ट्राइ का प्रतिनिधि बताने वाले आरोपी ने कॉल को किसी दूसरे के मोबाइल पर ट्रांसफर कर दिया। उस दूसरे व्यक्ति ने अपने आप को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया।
उसने उनको व्हाट्सएप कॉल और वीडियो कॉल के जरिए 18 दिन 29 नवंबर तक डिजिटल अरेस्ट किया। आरोपी ने महिला से सभी जरूरी दस्तावेज ले लिए और महिला को बैंक खाते से लेनदेन संबंधित कागजात दिखाए। इस दौरान आरोपी ने उनको वाट्सएप पर गिरफ्तारी का वारंट भी भेजा। जिसे देख वह डर गईं और आरोपियों के बताए हुए खाते में 40 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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दो बार में दिए 40 लाख रुपये
साइबर ठगों ने महिला को 11 नवंबर को धमकाकर 30 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद 27 नवंबर को 10 लाख और ट्रांसफर कराए। बाद में उनके खाते में पैसा न होने पर ठगों ने 29 नवंबर को अपनी कॉल काट दी।


18 दिनों तक चलती रही वीडियो कॉल
महिला ने बताया कि उनके पास जब 11 नवंबर को कॉल आई तो आरोपी ने उनको मोबाइल डिस्चार्ज न होने की धमकी दी थी। इसके अलावा नेट भी खत्म नहीं होना चाहिए। इस दौरान उनके मोबाइल पर वीडियो कॉल लगातार चलती रही। इसी वजह से उनका मोबाइल ज्यादा समय चार्जिंग पर लगा रहता था।



रात भर नहीं सो पाती थी महिला
महिला ने बताया कि इस दौरान वह 18 दिन तक ठीक से सो नहीं पाई है। क्योंकि कई बार वह सो जाती है तो ठग उन्हें किसी न किसी बहाने से दोबारा कॉल कर उठा देते थे। इस दौरान कमरे की लाइट भी बंद नहीं करने दी गई। वह घर से बाहर अगर कोई कार्य के लिए जाती तो फोन उनके साथ ऑन रहता और उनके कानों में लीड से ठग संपर्क में रहता था। घर के नित्य कार्य के दौरान भी आरोपियों से अनुमति लेनी पड़ती थी।
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पुलिस ने बताया कि श्रम मंत्रालय से सेवानिवृत्त अधिकारी को साइबर ठगों ने 18 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 40 लाख रुपये की ठगी की है। मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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