दिल्ली-एनसीआर में पेट्रोल-डीजल से चलने वाली टैक्सियों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद सोमवार को परिवहन विभाग ने चेकिंग अभियान चलाया। शहर में जगह-जगह चलाए गए इस अभियान के तहत 10 टैक्सियों के चालान किए गए।
हालांकि, दिल्ली, नोएडा और गुड़गांव के मुकाबले पेट्रोल-डीजल से चलने वाली टैक्सियों की संख्या फरीदाबाद में बेहद कम है। दिल्ली में सख्ती के बाद इनकी तादाद और कम हो गई है।
परिवहन विभाग के चेकिंग दस्ते ने जगह बदल-बदलकर जांच की कार्रवाई को अंजाम दिया। पेट्रोल-डीजल टैक्सियां न मिलने पर विभाग की टीम ने ओवरलोडिंग, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और वाहनों के कर संबंधित दस्तावेजों के आधार पर व्यवसायिक वाहनों के चालान काटने शुरू कर दिए।
बता दें कि गुड़गांव और नोएडा में आईटी कंपनियों और बीपीओ का हब होने के कारण दिल्ली-एनसीआर से दिन-रात कई शिफ्टों में कर्मचारी कैब का इस्तेमाल कर सफर करते हैं। ऐसे में पेट्रोल-डीजल टैक्सियों पर पाबंदी का असर इन शहरों में ज्यादा दिखा। दिल्ली से चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के चलते फरीदाबाद के रास्ते गुड़गांव को जाने वाली कैब की संख्या बेहद कम हो गई है।
सोमवार को पाली-गुड़गांव रोड पर परिवहन विभाग की टीम सुबह से ही टैक्सियों की जांच पड़ताल में जुटी रही। इसके बाद हाईवे पर चेकिंग अभियान चलाया गया। बदरपुर बॉर्डर से फरीदाबाद के रास्ते मथुरा आगरा तक जाने वाली डीजल टैक्सियों पर भी शिकंजा कसा गया।
सीएनजी की नहीं कमी
अडानी गैस कंपनी के उपाध्यक्ष (वितरण) भाषित ढोलकिया ने बताया कि शहर में सीएनजी गैस की कोई कमी नहीं है। रोजाना 1 लाख 20 हजार किलो गैस खपत हो रही है। आने वाले समय को देखते हुए हम पूरी तरह तैयार हैं। अभी शहर में सीएनजी के 12 स्टेशन हैं। भविष्य में 4 स्टेशन और खोलने की प्लानिंग है। इसके लिए प्लॉट की लोकेशन भी फाइनल हो गई है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जांच अभियान चलाया गया है। लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य वाहनों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।-भारत भूषण, आरटीए (सचिव)