सिरफिरे युवक द्वारा एसपीओ के सर पर ईंट मारकर हत्या का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सूरजकुंड गोल चक्कर पर ड्यूटी पर तैनात एसपीओ (स्पेशल पुलिस ऑफिसर) मोहनलाल की एक सिरफिरे युवक ने ईंट मारकर मंगलवार देर रात हत्या कर दी गई। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी की पहचान पलवल के मित्रोल निवासी संतोष (24) के रूप में हुई और दिल्ली के प्रहलादपुर में रह रहा था। आरोपी के पिता टेलर का काम करते हैं, आरोपी आवारा किस्म का व्यक्ति है। वह इधर-उधर घूमता रहता है। साथी सिपाही सुरेश द्वारा थाने में दी गई शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच की जा रही है। मौके पर पुलिस के उच्च अधिकारी और क्राइम ब्रांच की टीम ने पहुंचकर मौका मुआयना किया है। मामले में सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। वहीं, पुलिस ने बुधवार को शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
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20 जुलाई 2017 को पुलिस विभाग में हुए थे भर्ती
एसपीओ मोहनलाल सिरसा जिले के रत्ता खेड़ा गांव के रहने वाले थे। पुलिस विभाग में भर्ती होने से पहले एचआईएसएफ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पुलिस विभाग में 20 जुलाई 2017 को भर्ती हुए थे और सूरजकुंड थाने में अपनी सेवाएं दे रहे थे। मोहनलाल के दो बच्चे हैं, जिसमें एक बेटा और एक बेटी शामिल हैं। पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा ने कहा कि मोहनलाल ने अपनी ड्यूटी पर तैनात रहते हुए जान गवां दी। पुलिसकर्मी के परिजनों की आर्थिक सहायता के लिए उन्हें इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत मदद दी जाएगी।
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पहले भी हो चुके है लोगों पर हमले
सूरजकुंड गोल चक्कर चौक पर एसपीओ की ईंट पत्थर मार कर हत्या का कोई नया मामला नहीं है। यहां पहले भी कई बार लोगों पर हमले हो चुके हैं। आरवली की पहाड़ियों में लोगों के शव मिल चुके हैं। पुलिस इस मामले को पुराने मामलों से भी जोड़ कर जांच कर रही है। हालांकि आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी से अन्य मामलों में भी पूछताछ की जाएगी। जिससे की पुराने मामलों की गुत्थी को सुलझाया जा सके।
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ड्यूटी के दौरान पहले भी जा चुके हैं जानें
डकैती के मामले में फरार चार आरोपियों की तलाश में हरिद्वार पहुंची फरीदाबाद क्राइम ब्रांच के एक पुलिसकर्मी को बदमाशों ने देर रात गोली मार दी। आनन फानन घायल पुलिसकर्मी को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इस मामले में भी फरीदाबाद पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी। इसमें फरीदाबाद पुलिस ने स्थानीय पुलिस को जानकारी नहीं दी थी।