संवाद न्यूज एजेंसी
तिगांव। खंड तिगांव के अंतर्गत आने वाले गांव मंझावली की पंडितों की चौपाल पिछले करीब छह महीनों से मरम्मत कार्य के नाम पर अधर में लटकी हुई है। आधा-अधूरा पड़ा काम अब गांव की परेशानी का कारण बन गया है। चौपाल की दीवारें टूट-फूट गई हैं, लेंटर अधूरा पड़ा है और जगह-जगह मलबा बिखरा है, जिससे लोगों का वहां बैठना भी मुश्किल हो गया है।
गांव के रहने वाले सागर का कहना है कि मरम्मत के नाम पर काम शुरू तो हुआ, लेकिन कुछ ही दिनों बाद मजदूरों को हटा दिया गया। अब चौपाल खंडहर जैसी दिखती है और कभी भी गिरने का खतरा बना हुआ है। वहीं गौरव ने बताया कि ठेकेदार ने काम में लापरवाही बरती। पुराने हिस्सों की मरम्मत के बजाय नए निर्माण का बहाना बनाकर आधा काम छोड़ दिया गया। इससे सरकारी धन की बर्बादी भी हुई है। गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि चौपाल का काम जल्द पूरा कराया जाए और इसमें लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
चौपाल गांव की पहचान थी, जहां सभी सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रम होते थे। लेकिन छह महीने से चौपाल बंद है, जिससे गांव के लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। -सुनील शर्मा, स्थानीय निवासी
मरम्मत कार्य में घोर अनियमितता रही। न गुणवत्ता का ध्यान रखा गया, न समय पर काम पूरा हुआ। ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारी दोनों की लापरवाही साफ झलकती है। -ध्रुव, स्थानीय निवासी
हमने केवल मरम्मत कार्य के लिए ठेकेदार को टेंडर पर काम दिया था, लेकिन ठेकेदार ने अनावश्यक रूप से लेंटर डालने का प्रयास किया, जो स्वीकृत योजना में शामिल नहीं था। इसी कारण काम रुकवाया गया। अब पंचायत जल्द निर्णय लेकर चौपाल की हालत सुधारने या उसे पूर्व स्थिति में बहाल करने की दिशा में कदम उठाएगी, ताकि ग्रामीणों की समस्या दूर की जा सके। -रमेश कुमार, सरपंच ग्राम मंझावली