फरीदाबाद। कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मास्टरमाइंड विकास दुबे को अपने यहां शरण देने वाले अंकुर व उसके पिता श्रवण को अदालत से जमानत मिल गई है। दोनों ने न्यायिक दंडाधिकारी साक्षी सैनी की अदालत में जमानत याचिका लगाई थी। याचिका पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई।
विकास दूबे सात जुलाई को ग्रेटर फरीदाबाद के हरी नगर में अपने रिश्तेदार श्रवण व अंकुर मिश्रा के घर ठहरा था। इसलिए पुलिस ने अंकुर और उसके पिता श्रवण को अपराधियों को शरण देने के आरोप में नामजद किया था। विकास दुबे के हरी नगर में छिपे होने की सूचना पर सात जुलाई को ही दबिश दी गई थी। उस दौरान पुलिस को पता चला था कि विकास एक रात पहले यहां रुका था। तभी से दोनों पिता-पुत्र न्यायिक हिरासत में जेल में बंद थे गैंगस्टर विकास दुबे को यूपी पुलिस ने 11 जुलाई को एनकाउंटर में मार गिराया था।
कानपुर का कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद छिपते हुए फरीदाबाद तक आ पहुंचा था। यहां वह एक रिश्तेदार के मदद से बड़खल मोड़ के समीप स्थित एक ओयो होटल में आकर रुका था। वह एनसीआर में आत्मसमर्पण करने के फिराक में था। इसकी भनक यूपी एसटीएफ व फरीदाबाद पुलिस को लगते ही विकास दुबे यहां से ऑटो में बैठ कर फरार हो गया था। इसके बाद पुलिस ने होटल संचालक से पूछताछ के बाद हरी नगर स्थित उसके रिश्तेदार श्रवण व अंकुर के घर पहुंची थी, जहां से विकास दुबे का एक साथी प्रभात पकड़ा गया था। हालांकि विकास दुबे पुलिस को चकमा देकर निकल चुका था।