फरीदाबाद। घने कोहरे में दृश्यता कम होने की वजह से कोई भी सड़क हादसे का शिकार न हो, इसके लिए हाईवे पर बने कट से दस मीटर पहले नाइट रिफ्लेक्टर लगातार साइन बोर्ड लगाने का काम दो दिन में शुरू हो जाएगा। इसके लिए एक दिन पहले हुई लघु सचिवालय सभागार में उपायुक्त यशपाल यादव ने बैठक कर जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने यातायात विभाग से ऐसी जगहों को चिहिन्त करने के लिए भी कहा है।
जिले में कोहरा होना शुरू हो चुका है। अभी तो शुरुआत है लेकिन भीषण कोहरे के समय वाहनों ही नहीं लोगाें का चलना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में वाहनों की रफ्तार कम करके चलाना ज्यादा उचित होता है। जरा सी भी असावधानी बड़ी दुर्घटनाओं को अंजाम दे जाती है। शहर में ही कई ऐसी घटनाएं हुईं हैं, जिनका कारण कोहरा और असावधानी दोनों ही बने।
ऐसे में चालकों के लिए रास्ते पर लगे रिफ्लेक्टर अहम भूमिका निभाएंगे, क्योंकि वाहन की लाइट की चमक से रिफ्लेक्टर चमकने लगते हैं। तब चालक को इशारा मिल जाता है कि आगे कहीं कट है। नगर निगम कोहरे से बचाव के लिए शहर की 12 जगहों पर नाइट रिफ्लेक्टर लगाएगा। इसकी मदद से हाईवे से आने वाले वाहन सर्विस रोड की ओर बगैर किसी परेशानी के जा सकेंगे। लघु सचिवालय में हुई बैठक में उपायुक्त के साथ नगर निगम, यातायात पुलिस, पीडब्ल्यूडी, एनजीओ आदि शामिल हुए।
ऐसे करें कोहरे से बचाव
कोहरे से बचाव के लिए वाहनों में फॉग लैंप, बीम लाइट, रेडियम स्टीकर्स और इंडीकेटर आदि का होना जरूरी है। छोटे-बड़े वाहनों के हॉर्न दुरुस्त रखें। सड़कों से निकलते समय वाहनों की गति धीमी रखें।
अतिरिक्त लाइट का भी इस्तेमाल
फॉग लाइट- वाहन की हेडलाइट के नीचे हिस्से में दो पीली लाइटें लगाई जाती हैं। इन्हें फॉग लाइट कहा जाता है जिनसे कोहरे में वाहन चलाते वक्त दृश्यता शक्ति बढ़ जाती है और दुर्घटना होने की आशंका कम हो जाती है।
रिफ्लेक्टर- यह रेडियम टेप होता है। सीधी पट्टी और ट्रैंगल के आकार में इसे वाहन के आगे और पीछे लगा सकते हैं। इसे लगाने से वाहन पर हल्की सी रोशनी पड़ने पर वह खुद-ब-खुद चमक उठेगा। इससे वाहन के होने का संकेत अगले वाहन को मिल जाएगा।
निगम जल्द इन समस्याओं का करेगा समाधान
- कई जगह लोगों ने अपनी सुविधा के लिए अवैध कट बनवाए हुए हैं, जिन्हें निगम जल्द बंद करेगा।
- हाईवे पर कई जगह स्ट्रीट लाइटें लगाई नहीं हैं, जहां लगाई हैं, वहां कई जलती नहीं हैं। ठीक कराई जाएंगी।
- एक किलोमीटर के बाद 500 मीटर, 200 मीटर, 100 मीटर व 50 मीटर पर संकेतक दिए जाते हैं। ऐसे स्थान पर संकेत होने चाहिए।
- हाईवे सहित बाईपास पर प्रत्येक कट के बारे में करीब एक किलोमीटर की दूरी से निर्देश देने वाला सूचक होंगे।
कोट
घने कोहरे में सड़क हादसों को रोकने के लिए रिफ्लेक्टर लगाने के लिए जगहों को चिहिन्त करने के लिए कहा गया है। साथ ही ट्रैफिक विभाग से हादसों की वजहों को समझकर समस्या का समाधान किया जाएगा।
- प्रशांत अटकान, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम