फरीदाबाद में प्रॉपर्टी खरीदना होगा और महंगा, 2026 के प्रस्तावित कलेक्टर रेट में 15 से 75 प्रतिशत तक उछाल
सेक्टर-14, 16, 21ए, नहरपार और तिगांव क्षेत्र में सबसे ज्यादा असर, 30 मार्च सुबह 11 बजे तक मांगी गई आपत्तियां
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले में घर बनाने, फ्लैट खरीदने या व्यावसायिक निवेश की योजना बना रहे लोगों को अब ज्यादा बजट तैयार करना होगा। जिला प्रशासन ने वर्ष 2026 के लिए नए कलेक्टर रेट (सर्कल रेट) का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। प्रस्तावित दरों में आवासीय, व्यावसायिक, फ्लैट और ग्रामीण संपत्तियों की कीमतों में 15 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। सबसे बड़ा असर पॉश सेक्टरों, नहरपार (ग्रेटर फरीदाबाद), तिगांव तहसील और औद्योगिक सेक्टरों से सटे गांवों में दिखाई दे रहा है। प्रशासन ने 30 मार्च सुबह 11 बजे तक आम लोगों, बिल्डरों और निवेशकों से सुझाव व आपत्तियां मांगी हैं ताकि एक अप्रैल से नई दरें लागू की जा सकें।
इस बार का ड्राफ्ट साफ संकेत देता है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, नहरपार के तेजी से बढ़ते सेक्टर, औद्योगिक कॉरिडोर और तिगांव-बडखल बेल्ट में बढ़ती कनेक्टिविटी ने जमीनों के सरकारी दामों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। रजिस्ट्री खर्च में सीधा इजाफा होगा और बाजार में वास्तविक कीमतें भी इसके बाद ऊपर जाने की संभावना है। मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए घर का सपना और महंगा हो सकता है जबकि व्यावसायिक निवेशकों के लिए शुरुआती लागत काफी बढ़ जाएगी।
तिगांव, पॉश सेक्टर और नहरपार में सबसे बड़ा उछाल
तिगांव तहसील के नीमका और फरीदपुर में आवासीय दरों में सीधे 75 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि प्रस्तावित है। यहां रेट 18 हजार रुपये से बढ़कर 31,500 रुपये प्रति वर्ग गज हो गए हैं। फरीदाबाद के पॉश सेक्टर-14 और सेक्टर-21ए में 500 वर्ग गज से बड़े प्लॉटों पर 60 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है। सेक्टर-14 में नया प्रस्तावित रेट 58,000 से बढ़कर 92,800 रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंच गया है। नहरपार के सेक्टर 79 से 83 में कॉमर्शियल प्लॉट्स पर 60 प्रतिशत का इजाफा किया गया है।
कॉमर्शियल निवेश पर सबसे ज्यादा बोझ
सेक्टर-16 इस बार व्यावसायिक निवेश के लिहाज से सबसे महंगा क्षेत्र बनकर उभरा है। यहां 500 वर्ग गज तक के कॉमर्शियल प्लॉट की दर 1,21,000 रुपये से बढ़कर 2,11,750 रुपये प्रति वर्ग गज प्रस्तावित की गई है, जो 75 प्रतिशत की वृद्धि है। बड़खल तहसील के सेक्टर-21बी, 21सी और सराय ख्वाजा में कॉमर्शियल दरों में 45 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तिगांव के मिर्जापुर में कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के ग्राउंड फ्लोर का रेट भी 75 प्रतिशत बढ़ाकर 14000 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रस्तावित किया गया है।
फ्लैट, फ्लोर और हाउसिंग बोर्ड पर भी असर
इस बार सिर्फ प्लॉट ही नहीं फ्लैट्स और फ्लोर भी बढ़ोतरी से अछूते नहीं रहे। नीमका के हुडा सेक्टर में फ्लैट्स की दरों में 75 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव है। बड़खल क्षेत्र में फ्लैट्स के अलग-अलग तलों पर 30 प्रतिशत की एकसमान बढ़ोतरी की गई है। हाउसिंग बोर्ड के साधारण फ्लैट्स की दरें भी बढ़कर 8190 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच सकती हैं।
ग्रामीण और कॉलोनी क्षेत्रों में भी तेज बढ़त
खेड़ी कलां, खेड़ी खुर्द, कोट और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी संपत्तियों की कीमतों में तेज उछाल प्रस्तावित है। कोट गांव में आवासीय दरों में 60 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है। बल्लभगढ़ की भीकम कॉलोनी में दरें 33000 से बढ़कर 47850 रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंच गई हैं। सुभाष कॉलोनी में 30300 से 43935 रुपये और चावला कॉलोनी में 48125 रुपये प्रति वर्ग गज तक रेट प्रस्तावित किए गए हैं। कुंदन कॉलोनी में भी 25 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है।
आम लोगों पर पड़ेगा सीधा असर
नए कलेक्टर रेट लागू होने पर रजिस्ट्री शुल्क, स्टाम्प ड्यूटी और लोन वैल्यूएशन की लागत बढ़ जाएगी। छोटे प्लॉट खरीदकर घर बनाने वाले परिवारों, फ्लैट खरीदने वालों और दुकानदारों पर इसका सीधा आर्थिक असर पड़ेगा। आमतौर पर सरकारी रेट बढ़ते ही बाजार में भी जमीन और फ्लैट्स की कीमतों में तेजी आ जाती है।
30 मार्च तक दर्ज कराएं आपत्तियां
डीआरओ विकास चौधरी के अनुसार वित्त वर्ष 2026 के लिए प्रस्तावित सर्कल रेट की कॉपी वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। लोग 30 मार्च सुबह 11 बजे तक इस पर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद जिला प्रशासन अंतिम समीक्षा कर एक अप्रैल से नई दरें लागू करेगा।