ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, एफएनजी कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं से बढ़ी शहर में संभावनाएं
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। दिल्ली-एनसीआर में मकान खरीदना लगातार महंगा होता जा रहा है। ऐसे समय में फरीदाबाद अभी भी मध्यम वर्ग के लिए अपेक्षाकृत किफायती विकल्प बना हुआ है। एक निजी रियल एस्टेट कंसल्टेंसी और प्रॉपर्टी रिसर्च कंपनी की 2026 की पहली छमाही की रिपोर्ट के अनुसार फरीदाबाद में पिछले एक साल में आवासीय संपत्तियों के दाम 18 फीसदी बढ़े हैं। इसके बावजूद यहां औसत कीमत 8370 रुपये प्रति वर्गफीट है जो एनसीआर के प्रमुख शहरों में सबसे कम है। शहर में चल रही बड़ी सड़क, परिवहन और खेल परियोजनाओं को देखते हुए आने वाले वर्षों में कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विस्तार से रियल एस्टेट बाजार को और गति मिलने की संभावना है।
रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में आवासीय संपत्तियों की औसत कीमत 26027 रुपये प्रति वर्ग फीट है। गुरुग्राम में यह 18354 रुपये और नोएडा में 15109 रुपये प्रति वर्ग फीट है। फरीदाबाद में 8370 रुपये प्रति वर्ग फीट की औसत कीमत इन प्रमुख बाजारों में सबसे कम है। वहीं कीमतों में बढ़ोतरी के मामले में फरीदाबाद सबसे आगे रहा। रिपोर्ट में फरीदाबाद में 18 फीसदी की सालाना वृद्धि दर्ज की गई है। नोएडा में आठ फीसदी तथा गुरुग्राम में छह फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसका मतलब यह है कि फरीदाबाद अभी भी सस्ता बाजार है लेकिन कीमतों की वृद्धि दर यह संकेत दे रही है कि दिल्ली-एनसीआर के अन्य प्रमुख बाजारों के मुकाबले इसका मूल्य अंतर धीरे-धीरे कम हो रहा है।
बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट बदल सकते हैं शहर की तस्वीर
फरीदाबाद में रियल एस्टेट बाजार की संभावनाओं को शहर में चल रही और प्रस्तावित बड़ी विकास परियोजनाओं से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इनमें ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रमुख है। यह परियोजना फरीदाबाद के दक्षिणी हिस्से और आसपास के क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बेहतर सड़क संपर्क से नए क्षेत्रों में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना रहती है। इसके अलावा फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद यानी एफएनजी कनेक्टिविटी की लंबे समय से प्रस्तावित परियोजना भी शहर के लिए महत्वपूर्ण है। यदि यह कनेक्टिविटी पूरी तरह विकसित होती है तो फरीदाबाद से नोएडा और गाजियाबाद की आवाजाही आसान हो सकती है। इससे शहर में रहने वाले उन लोगों के लिए भी विकल्प बढ़ेंगे, जिनका रोजगार एनसीआर के दूसरे शहरों में है।
शहर में करीब 1500 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित दो प्रमुख कॉरिडोर की योजनाओं को भी कनेक्टिविटी सुधारने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को बेहतर करना और प्रमुख इलाकों के बीच आवागमन को सुगम बनाना है। सीएम की तरफ से इन दोनों परियोजनाओं के लिए बजट को मंजूरी दे दी गई है। इसपर सर्वे व अन्य कार्य किए जा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय खेल स्टेडियम से बढ़ेगी शहर की पहचान
फरीदाबाद में अंतरराष्ट्रीय स्तर का राजा नाहर सिंह खेल स्टेडियम की योजना भी शहर के विकास के बड़े प्रोजेक्टों में शामिल है। खेल सुविधाओं के विस्तार से न केवल खिलाड़ियों को बेहतर आधारभूत ढांचा मिलने की उम्मीद है बल्कि शहर की पहचान भी मजबूत हो सकती है।
मास्टर प्लान-2031 के तहत 38 लाख हो सकती है आबादी
फरीदाबाद के भविष्य के विकास में मास्टर प्लान-2031 की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। शहर के नियोजित विस्तार, आवासीय क्षेत्रों, व्यावसायिक गतिविधियों, परिवहन और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए मास्टर प्लान दिशा तय करता है। इस प्लान के तहत शहर की आबादी 2031 तक 38 लाख हो जाएगी इसी को देखते हुए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। विशेषकर ग्रेटर फरीदाबाद में पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में आवासीय परियोजनाएं विकसित हुई हैं। इससे क्षेत्र में घरों की मांग बढ़ी है लेकिन नागरिक सुविधाओं और कनेक्टिविटी का विस्तार भी उतना ही जरूरी है।
ग्रेटर फरीदाबाद बना आवासीय विकास का बड़ा केंद्र
शहर में आवासीय विकास का केंद्र अब पुराने फरीदाबाद से आगे बढ़कर ग्रेटर फरीदाबाद और नए सेक्टरों की ओर पहुंच गया है। सेक्टर-75 से 89 के आसपास विकसित हो रही आवासीय सोसायटियों और परियोजनाओं ने शहर के रियल एस्टेट बाजार का दायरा बढ़ाया है। दिल्ली से नजदीकी, मेट्रो कनेक्टिविटी और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ाव के कारण फरीदाबाद उन परिवारों के लिए विकल्प बना हुआ है, जो दिल्ली या गुरुग्राम की तुलना में कम कीमत पर घर खरीदना चाहते हैं।
मिडिल क्लास के सामने बढ़ती कीमतों की चुनौती
फरीदाबाद को लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर में मध्यम आय वर्ग के लिए अपेक्षाकृत सस्ता आवासीय विकल्प माना जाता रहा है। लेकिन 18 फीसदी की सालाना मूल्य वृद्धि के बाद घर खरीदने वालों के बजट पर दबाव बढ़ा है।
कीमतों के साथ विकास की रफ्तार पर भी नजर
रिपोर्ट के अनुसार देश के प्रमुख शहरों में एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले घरों की बिक्री का हिस्सा कुल आवासीय बिक्री का 54 फीसदी रहा। इससे महंगे घरों की मांग मजबूत होने का संकेत मिलता है। दूसरी ओर, मध्यम आय वर्ग के लिए किफायती घरों की उपलब्धता बड़ी चुनौती बनी हुई है।
फरीदाबाद एक औद्योगिक क्षेत्र है यहां उद्योगपतियों के साथ बड़ी संख्या में कर्मचारी वर्ग के लोग भी रहते हैं। वहीं गुरुग्राम में व्हाइट कॉलर जॉब वाले लोग ज्यादा रहते हैं इसलिए वहां जमीन के दाम अधिक है। नोएडा में जेवर एयरपोर्ट व अन्य विकास परियोजनाओं के चलते दाम ज्यादा है। गुरुग्राम में 60 प्रतिशत फ्लोटिंग आबादी है वहीं फरीदाबाद में 80 प्रतिशत फ्लोटिंग आबादी है। फरीदाबाद इस मामले में अभी और अधिक ऊपर जा सकता है। - सतीश पराशर, पूर्व चीफ टाउन प्लानर, नगर निगम