प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सीटू और जनवादी महिला समिति के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग उठाई। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार सुमेर सिंह को दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे।
पहले ज्ञापन में नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि परीक्षा की तैयारी में छात्र पूरे साल मेहनत करते हैं लेकिन पेपर लीक होने से उनका भविष्य प्रभावित होता है। विद्यार्थियों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। इसके लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को जिम्मेदार ठहराया गया।
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दूसरा ज्ञापन नेहरू कॉलोनी बचाओ संघर्ष समिति की ओर से दिया गया, जिसमें नेहरू कॉलोनी में नगर निगम की ओर से की जा रही तोड़फोड़ पर रोक लगाने की मांग की गई। राजस्थान भवन के सामने आयोजित सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताएं और सार्वजनिक क्षेत्रों के निजीकरण जैसे मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
सीटू जिला उपाध्यक्ष हेमलता ने बताया कि 21 जुलाई को आशा वर्कर पंचकूला में प्रदर्शन करेंगी और 27 जुलाई को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में भी भाग लेंगी। इस मौके पर सीटू के जिला प्रधान निरंतर पराशर, शिव प्रसाद, विजय झा, नेहरू कॉलोनी बचाओ संघर्ष समिति के विजेंद्र, वीरेंद्र सिंह डंगवाल, देवकी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।