घायल मरीजों को अब शुरुआती उपचार के लिए दिल्ली रेफर करने की जरूरत कम होगी
1.50 करोड़ रुपये से होंगे जरूरी इंतजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सड़क हादसे या अन्य आपात स्थिति में गंभीर रूप से घायल मरीजों को अब शुरुआती उपचार के लिए दिल्ली रेफर करने की जरूरत कम होगी। लोक निर्माण विभाग ने बीके अस्पताल समेत जिले के चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ट्रॉमा केयर सेंटर विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है।
परियोजना पर करीब 1.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। काम पूरा होने के बाद हादसों में घायलों को स्थानीय स्तर पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। प्रदेश सरकार ने करीब डेढ़ वर्ष पहले बीके अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ट्रॉमा केयर सेंटर विकसित करने की योजना तैयार की थी। इसके तहत बीके अस्पताल के अलावा तिगांव, पाली, खेड़ीकलां और कौराली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ट्रॉमा केयर सेंटर बनाए जाएंगे। बीके अस्पताल में इमरजेंसी के समीप ट्रॉमा केयर सेंटर विकसित किया जाएगा। वहीं, सीएचसी में ट्रॉमा केयर के साथ 50 यूनिट रक्त रखने की क्षमता वाला ब्लड बैंक और ऑपरेशन थिएटर भी तैयार किया जाएगा। बीके अस्पताल में ब्लड बैंक और ऑपरेशन थिएटर की सुविधा पहले से उपलब्ध है।
190 दिन में पूरा करना होगा काम
टेंडर दस्तावेज के अनुसार ट्रॉमा केयर सेंटर में डक्टेबल एयर कंडीशनर, एयर हैंडलिंग यूनिट (एएचयू) के साथ हीपा फिल्टर, पर्दे, स्प्लिट एसी और आरओ वाटर कूलर समेत कई जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। विद्युत संबंधी कार्य भी परियोजना में शामिल हैं। इसकी अनुमानित लागत 1,49,69,025 रुपये है। चयनित ठेकेदार को काम पूरा करने के लिए 190 दिन का समय दिया जाएगा।
पहले रोकेंगे रक्तस्राव, फिर किया जाएगा रेफर
फरीदाबाद में प्रतिदिन औसतन तीन से चार सड़क हादसे होते हैं। इनमें करीब 20 से 25 हादसे महीने में गंभीर श्रेणी के होते हैं। ऐसे मरीजों को कई बार बीके अस्पताल से सफदरजंग अस्पताल रेफर करना पड़ता है। दिल्ली पहुंचने में जाम समेत अन्य कारणों से देरी होने पर मरीज की हालत और गंभीर हो जाती है। ट्रॉमा सेंटर शुरू होने के बाद घायल को पहले स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार, रक्तस्राव रोकने और अन्य जरूरी आपात चिकित्सा सुविधा दी जा सकेगी। इसके बाद जरूरत के अनुसार उसे उच्च स्वास्थ्य संस्थान में भेजा जाएगा।
ट्रॉमा केयर सेंटर के लिए पीडब्ल्यूडी ने टेंडर आमंत्रित किए हैं। उम्मीद है कि तय समय में काम शुरू हो जाएगा।- डॉ. एमपी सिंह, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी