पलवल। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले के राजीव नगर में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। सीएम फ्लाइंग फरीदाबाद की जांच में यह खुलासा हुआ कि योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थियों ने नगर परिषद कर्मचारियों और निजी सर्वेक्षण कंपनियों के कर्मियों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज और गलत फोटो अपलोड कर सरकारी सहायता हासिल की।
जांच की शुरुआत सतीश कुमार की शिकायत पर हुई, जिसमें करुआ, शीला और नवीन पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने दूसरों के निर्माणाधीन मकानों को अपना बताकर योजना के तहत अनुदान लिया।
करुआ ने 300 मीटर दूर किसी अन्य के मकान की फोटो अपलोड की और दो किस्तों में दो लाख रुपये का लाभ लिया। वहीं, शीला ने 100 मीटर दूर कमलेश के प्लॉट की फोटो इस्तेमाल की, जिसमें खुद कमलेश नजर आ रहा है। नवीन ने पहले से बने पक्के मकान के बावजूद योजना की पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये ले लिए।
यह योजना वर्ष 2015 में शहरी गरीबों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। पात्र व्यक्तियों की पहचान की जिम्मेदारी याशी कंसल्टिंग सर्विस प्रा. लि., जयपुर को सौंपी गई थी, जबकि जैकलान इंडिया लि., दिल्ली को जियो टैगिंग फोटो अपलोड करने का कार्य सौंपा गया।
नगर परिषद पलवल ने सत्येंद्र कुमार और विनोद गुप्ता को योजना पर्यवेक्षक नियुक्त किया था। सीएम फ्लाइंग की जांच में सामने आया कि मिलीभगत में याशी कंसल्टेंसी, जैकलान इंडिया के सर्वेयर अमित, सर्वेयर हरगोविंद शर्मा और सर्वेयर जितेंद्र तेवतिया कर्मचारी नगर परिषद पलवल, योजना पर्यवेक्षक सत्येंद्र कुमार और विनोद गुप्ता संलिप्त हो सकते हैं।
सीएम फ्लाइंग के एएसआई शिवकुमार की शिकायत पर कैंप थाना पुलिस ने करुआ, शीला और नवीन के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
साल 2023 में जांच शुरू हुई थी, फिलहाल तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। जांच आगे बढ़ने के साथ ही अन्य संलिप्त लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। -सतबीर सिंह, सब-इंस्पेक्टर, सीएम फ्लाइंग
आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, जांच जारी है।- जितेंद्र, थानाध्यक्ष, थाना कैंप पलवल
मामला हमारे संज्ञान में नहीं है, जैसे ही जानकारी मिलेगी, नियमानुसार जांच करवाकर कार्रवाई करेंगे।- डाल चंद, कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद, पलवल