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निजीकरण के विरोध में हड़ताल पर बैठे बिजली कर्मी, परेशानी झेलते रहे लोग

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बिजली कार्यालय में भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते कर्मचारी। - फोटो : Faridabad
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फरीदाबाद। बिजली निजीकरण के प्रस्तावित संशोधन बिल 2021 के खिलाफ बुधवार को कर्मचारियों की हड़ताल का व्यापक असर रहा। हड़ताल के कारण सब डिवीजन कार्यालयों में नियमित कार्य प्रभावित रहे। बिजली बिलों, मीटर बदलवाने और बिजली की शिकायतों का निवारण नहीं हो सका। सर्कल में 11 केवी के 23 फीडर भी ब्रेक डाउन रहे। इसकी वजह से उपभोक्ताओं को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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बिजली यूनियन के पदाधिकारी और कर्मचारी बुधवार सुबह सेक्टर-23 बिजली मुख्यालय कार्यालय में एकत्रित हुए और आम सभा का आयोजन किया। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री, ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट इंप्लाईज फेडरेशन के वित्त सचिव श्रीपाल सिंह भाटी, एसकेएस जिला सचिव बलबीर सिंह बालगुहेर, डिगंबर डागर ने मुख्य रूप से शामिल रहे। हड़ताली कर्मचारियों ने केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान (सोहना-हार्डवेयर) सेक्टर 22-23 रोड पर पैदल मार्च निकाला।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, एएचपीसी वर्कर यूनियन के उपाध्यक्ष सतपाल नरवत, केंद्रीय कमेटी के सदस्य शब्बीर अहमद ने बताया कि बिजली की हड़ताल का सबसे ज्यादा प्रभाव खेड़ी कलां, बदरौला, इंडस्ट्रीयल एरिया सेक्टर-6, छायंसा, मुथरा रोड़, एनएच-1, एनएच-2, एनएच-5, एनएच-4, पाली, सिटी-2 सब डिवीजन और बल्लभगढ़ डिवीजन और सर्कल कार्यालय में रहा। हड़ताली कर्मचारियों ने सुबह अपने-अपने कार्यालयों में प्रदर्शन किए।
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वहीं, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा से संबंधित ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन के नीतिगत निर्णय के तहत आवश्यक सेवाओं को बाधित नहीं किया गया। उपभोक्ताओं की परेशानियों को देखते हुए कर्मचारियों ने हड़ताल पर रहते हुए ब्रेक डाउन फीडरों को चालू करने का कार्य भी किया।
कर्मचारियों ने की निम्न मांगें
हड़ताल की प्रमुख मांगों में केन्द्र सरकार द्वारा बिजली वितरण प्रणाली का निजीकरण करने के संशोधन बिल 2021 को रद्द करने और पुरानी पेंशन, डीए एवं एलटीसी बहाली, आनलाइन ट्रांसफर पालिसी को रद्द करने, ठेका प्रथा समाप्त कर ठेका कर्मियों को सीधे निगमों के पे-रोल पर लेने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, पक्का होने तक समान काम समान वेतन और सेवा सुरक्षा प्रदान करना शामिल है।
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