सेक्टर 2 हुडा मार्केट में 7 करोड़ की लागत से बन रहा पॉलीक्लिनिक, घटिया सामग्री पर काटे जाएंगे पैसे
अमर उजाला ब्यूरो
हेमलता रावत
बल्लभगढ़। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से सेक्टर-2 हुडा मार्केट के सामने सात करोड़ रुपये की लागत से दो मंजिला सरकारी अस्पताल (पॉली क्लीनिक) का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य करने वाली ठेकेदार कंपनी को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से घटिया सामग्री का उपयोग करने पर तीन बार नोटिस जारी किया गया है। घटिया निर्माण सामग्री पर नोटिस के बावजूद ठेकेदार कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की बजाए उसी कंपनी से निर्माण कार्य करवाया जा रहा है।
बल्लभगढ़ में स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर करने के लिए सेक्टर-2 में दो मंजिला सरकारी अस्पताल बनाया जा रहा है। यह अस्पताल 30 बेड का होगा। इसमें लोगों को बेहतर सुविधा देने के लिए सभी महत्वपूर्ण जांच की जाएगीं। इस पॉली क्लीनिक का कार्य शुरू कर दिया गया है। अभी नींव का कार्य पूरा होने के बाद बाउंड्री वॉल करके कमरों को बनाया जा रहा है। यह जमीन विभाग ने पहले ही अस्पताल के लिए खाली छोड़ी हुई थी। अस्पताल के बनने से सेक्टर-2, 64, रघुबीर कॉलोनी, भाटिया कॉलोनी, राम प्रसाद कॉलोनी के लोगों को लाभ होगा।
नींव और चहारदीवारी का काम शुरूकंपनी ने अस्पताल की नींव और चहारदीवारी का काम शुरू कर दिया, लेकिन चहारदीवारी में लगाई गई ईंट की गुणवत्ता पर सवालिया निशान उठने लगे। इसके बाद विभाग के कार्यकारी अभियंता ने मौके पर जाकर जांच की। जिन्होंने ईंट को कम गुणवत्ता वाला बताया। उसके बाद विभाग द्वारा 28 अक्तूबर 2023 को कंपनी को नोटिस देकर मौके से ईंट हटाने के लिखित आदेश दिए। कंपनी द्वारा मौके से घटिया ईंट हटाने की बजाय काम जारी रखा। उसके बाद विभाग ने फिर से 6 नवंबर 2023 को घटिया ईंट हटाकर नई ईंट लगाकर काम करने के आदेश दिए। इसके बावजूद घटिया ईंट नहीं हटाई गई और चहारदीवारी काम लगातार जारी रखा। तीसरी बार 31 जनवरी 2024 को कंपनी को एक और नोटिस दिया कि घटिया ईंटों से किए काम का भुगतान नहीं किया जाएगा और कंपनी घटिया गुणवत्ता की ईंटों को तुरंत हटा लिया जाए अन्यथा कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। तीन बार नोटिस देने के बाद भी ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट नहीं किया गया।
नोटिस मिलने के बाद भी नहीं किया ब्लैक लिस्ट
घटिया सामग्री का इस्तेमाल करने को लेकर कंपनी के तीन बार नोटिस दिया गया। विभाग की ओर से कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की बात की जा रही थी लेकिन ब्लैक लिस्ट करने के बाद दोबारा से नया टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ती, जिसकी वजह से पॉली क्लीनिक का कार्य रुक जाता। इसलिए कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की बजाए चेतावनी देते हुए कार्य करने को कहा।
काट लिए जाएंगे पैसे
कार्यकारी अभियंता अजित सिंह ने बताया कि पॉली क्लीनिक की नींव का कार्य पूरा हो गया है। पुरानी कंपनी का ठेकेदार ही कार्य को कर रहा है। निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल करने पर ठेकेदार के पैसे काट लिए जाएंगे। अगर पुरानी कंपनी को ब्लैक लिस्ट करते तो उनको दोबारा से टेंडर प्रक्रिया करनी पड़ती जिससे पॉली क्लीनिक कार्य रुक जाता है। इसलिए उसी कंपनी को चेतावनी देते हुए अच्छा गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल करने को कहा है। पहले जो घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था उसके पैसे काट लिए जाएंगे।