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प्रदूषण ने तोड़ा पांच साल का रिकार्ड, एक्यूआई @ 428, देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बना

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फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी में बृहस्पतिवार को प्रदूषण ने पांच साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। 2016 के बाद पहली बार दो दिसंबर को फरीदाबाद में हवा की गुणवत्ता बेहद जहरीली रही। एक्यूआई के गंभीर श्रेणी में पहुंचे से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद हुए बूंदाबांदी के बावजूद शहर की सड़कों से धूल के गुबार उठ रहे थे। वाहनों की रफ्तार से उड़ने वाली धूल वायुमंडल में जम रही थी। पिछले महीने से ही शहर में वायु की गुणवत्ता खराब, बेहद खराब और गंभीर श्रेणी में बनी हुई है। इससे अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है। बीके अस्पताल के अधिकारियों की मानें तो अक्टूबर तक अस्पताल में 50 से 60 आंखों व सांस संबंधित मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे थे। लेकिन नवंबर से इनकी संख्या काफी बढ़ी है। ओपीडी में 100 से 120 के आसपास मरीज केवल आंख का इलाज कराने पहुंच रहे हैं। इसके अलावा 50 से अधिक सांस संबंधित मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय गुप्ता ने बताया कि लोग इस समय मास्क जरूर पहनें। बीमार, गर्भवती, बुजुर्ग और बच्चे घर से बाहर निकलने से बचें।
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वहीं, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि प्रदूषण स्तर में हो रही बढ़ोतरी ने चिंता बढ़ा दी है। इसलिए इसकी रोकथाम के लिए जांच अभियान तेज किया जाएगा। बनाई गई टीम हर निर्माण स्थलों पर पहुंचकर यह सुनिश्चित करेंगे कि ग्रेप के नियमों की अनदेखी तो नहीं हो रही है। इसके लिए लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मौजूदा समय में ईट भट्ठों, क्रशर जोन आदि स्थानों पर रोज निगरानी रख रहे हैं। जिले में अधिकांश सड़कों की हालत जर्जर है। इस पर वाहनों की रफ्तार से उड़ रही धूल पेड़-पौधों की हरियाली छीन रही है। नगर निगम की मानें तो उनके द्वारा सड़कों के साथ ही पेड़-पौधों पर भी पानी का छिड़काव किया जा रहा है। लेकिन निगम के इस दावे की पोल हार्डवेयर चौक, हाईवे, बाटा रोड आदि अधिकांश सड़क किनारे लगे पेड़ पर जमी धूल खोल रही है।
हवा की रफ्तार कम होने से बढ़ रहा प्रदूषण
मौसम वैज्ञानिक महेश पहलावत ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते हवा की रफ्तार कम है। इसके चलते हवा में नमीं की मात्रा भी अधिक है। ऐसे में जर्जर सड़कों पर वाहनों की रफ्तार से उड़ रही धूल वायुमंडल में जम रही है। खासकर हवा की रफ्तार कम होने से धूल वायुमंडल की ऊपरी सतह पर नहीं पहुंच रही है। इससे स्मॉग की स्थिति बन रही है और हवा जहरीली हो रही है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को हवा की रफ्तार बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रदूषण स्तर में कुछ हद तक सुधार आ सकती है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी डेली बुलेटिन के अनुसार शाम चार बजे तक फरीदाबाद का गंभीर श्रेणी के साथ एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 428 दर्ज किया गया। इसके साथ दिल्ली (एक्यूआई 429) के बाद फरीदाबाद देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। वहीं बल्लभगढ़ का बेहद खराब श्रेणी के साथ एक्यूआई 346 दर्ज किया गया।
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